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जापान में रिकॉर्ड्स का खजाना लेकर उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी, इतने कारनामे कि गिनते-गिनते थक जाएंगे!

महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में कई बड़े कीर्तिमान दर्ज करा चुके हैं. घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उम्र और रफ्तार से जुड़े कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले वैभव अब एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे. जापान के आइची प्रांत में 24 सितंबर से शुरू होने वाले टी20 टूर्नामेंट में उनसे भारत को स्वर्ण पदक के साथ-साथ एक और यादगार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.

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वैभव... कारनामों की लंबी फेहरिस्त! (Photo, ITG)
वैभव... कारनामों की लंबी फेहरिस्त! (Photo, ITG)

24 सितंबर. जापान का आइची प्रांत. एशियन गेम्स में क्रिकेट का आगाज...

एशियन गेम्स के टी20 क्रिकेट मुकाबलों में जब भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो नजरें सिर्फ स्वर्ण पदक पर नहीं होंगी. करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक ऐसे किशोर बल्लेबाज पर भी टिकी होंगी, जिसने महज 15 साल की उम्र में रिकॉर्ड्स की ऐसी फसल काटी है, जिसे बड़े-बड़े दिग्गज अपने पूरे करियर में भी नहीं काट पाते.

वह बल्लेबाज हैं वैभव सूर्यवंशी

पिछले डेढ़ साल में उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट- तीनों मंचों पर ऐसे कीर्तिमान बनाए हैं कि अब हर नई पारी से पहले चर्चा उनके रन की कम और अगले रिकॉर्ड की ज्यादा होती है. यही वजह है कि वैभव एशियन गेम्स में सिर्फ भारतीय टीम के खिलाड़ी के तौर पर नहीं, बल्कि रिकॉर्ड्स का खजाना लेकर जापान उतरेंगे.

14 साल की उम्र... और रिकॉर्ड्स का पहला धमाका

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क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हर दौर में आते हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो अपने खेल से शुरुआत में ही बता देते हैं कि वे भीड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि भीड़ से अलग हैं. वैभव सूर्यवंशी भी ऐसे ही बल्लेबाज हैं.

जनवरी 2024 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और उसी साल सीनियर घरेलू वनडे क्रिकेट में भी जगह बना ली. लेकिन दुनिया ने उन्हें पहली बार गंभीरता से तब लिया, जब आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ सिर्फ अपने चौथे टी20 मुकाबले में 17 गेंदों पर अर्धशतक और 35 गेंदों पर शतक ठोक दिया.

 इसके साथ ही वह पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक और शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. आईपीएल इतिहास में भी सबसे कम उम्र में फिफ्टी और सेंचुरी लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो गया. 35 गेंदों का वह शतक आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक भी था.

एक पारी... जिसने तीन विश्व रिकॉर्ड दिला दिए

अगर किसी को लगा कि आईपीएल की वह पारी महज एक चमक थी, तो विजय हजारे ट्रॉफी ने यह भ्रम भी दूर कर दिया.

अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वैभव ने 84 गेंदों में 190 रन ठोक दिए. सिर्फ 36 गेंदों में शतक और 59 गेंदों में 150 रन पूरे करते हुए उन्होंने एक साथ तीन विश्व रिकॉर्ड बना डाले- लिस्ट-ए क्रिकेट के सबसे युवा शतकवीर, सबसे तेज शतक और सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज.

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11 गेंदों की फिफ्टी... जिसने 21 साल पुराना रिकॉर्ड मिटा दिया

जून 2026 में इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन बनाए. इस दौरान 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने पुरुष लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का 21 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया. क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड पीढ़ियों तक चलते हैं, लेकिन वैभव ने उन्हें भी ज्यादा समय नहीं दिया.

जब छक्के ही पहचान बन गए

वैभव की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी पहचान उनका बेखौफ अंदाज है. उन्होंने सिर्फ 514 गेंदों और 29 पारियों में टी20 क्रिकेट में 100 छक्के पूरे कर लिए, जो विश्व रिकॉर्ड है.

फिर आया आईपीएल 2026. 16 मैचों में 776 रन, ऑरेंज कैप और 72 छक्के. इस दौरान उन्होंने एक टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. महज 327 गेंदों में 72 छक्के लगाना बताता है कि वह सिर्फ रन नहीं बनाते, बल्कि गेंदबाजों का आत्मविश्वास भी तोड़ देते हैं.

रफ्तार ऐसी कि रसेल और मिचेल ओवेन भी पीछे छूट गए

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 37 गेंदों में 103 रनों की पारी के दौरान वैभव ने सिर्फ 473 गेंदों में टी20 क्रिकेट के 1000 रन पूरे कर लिए. इससे पहले यह रिकॉर्ड मिचेल ओवेन के नाम था.

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कुछ ही दिन बाद उन्होंने आईपीएल में भी सबसे तेज 1000 रन पूरे कर लिए. सिर्फ 440 गेंदों में यह मुकाम हासिल कर उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसके साथ ही वह 18 साल की उम्र से पहले 1000 टी20 रन बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बन गए.

इंटरनेशनल क्रिकेट में भी नहीं बदली कहानी

इंग्लैंड दौरे पर पदार्पण के बाद जिम्बाब्वे में वैभव ने दिखा दिया कि उनका खेल सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल तक सीमित नहीं है. 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बने. इसके बाद 49 गेंदों पर 81 रन की पारी ने उन्हें पुरुष क्रिकेट का दूसरा सबसे युवा प्लेयर ऑफ द मैच बना दिया.

तीन मैचों में 151 रन, 196.10 का स्ट्राइक रेट और प्लेयर ऑफ द सीरीज का सम्मान... इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में यह पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.

अब जापान में किस रिकॉर्ड की बारी?

अब वैभव सूर्यवंशी के सामने एशियन गेम्स की चुनौती है. भारत के लिए यह सिर्फ स्वर्ण पदक जीतने का अभियान नहीं, बल्कि उस बल्लेबाज की अगली परीक्षा भी है, जिसने पिछले डेढ़ साल में हर मंच पर इतिहास लिखा है. घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद अब जापान की बारी है.

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... हो सकता है इस बार उनके बल्ले से कोई नया रिकॉर्ड न बने. लेकिन पिछले डेढ़ साल का उनका सफर यही कहता है कि जब भी वैभव क्रीज पर उतरते हैं, रिकॉर्ड बुक का एक नया पन्ना खुलने की उम्मीद अपने आप पैदा हो जाती है. इसलिए एशियन गेम्स में निगाहें सिर्फ भारत के स्कोरबोर्ड पर नहीं होंगी, बल्कि उस किशोर बल्लेबाज पर भी होंगी, जो रिकॉर्ड्स का खजाना लेकर जापान उतर रहा है.
 

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