स्पेन इन दिनों खेल की दुनिया में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहा है. पिछले महीने अर्जेंटीना को हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले स्पेन ने अब क्रिकेट के मैदान पर भी इतिहास रच दिया है. स्पेन की पुरुष क्रिकेट टीम ने लगातार 21वां इंटरनेशनल मुकाबला जीतकर ऑस्ट्रेलिया का 23 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
स्पेन ने यह उपलब्धि 2028 टी20 वर्ल्ड कप के यूरोप सब-रीजनल क्वालिफायर C में हासिल की. शुक्रवार को मेजबान फिनलैंड के खिलाफ मुकाबले में स्पेन को जीत के लिए 132 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने आठ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया. इस जीत के साथ उसका टी20 इंटरनेशनल में विजय अभियान लगातार 21 मैचों तक पहुंच गया.
ICC पुरुष टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में 28वें स्थान पर मौजूद स्पेन के लिए यह सफर बेहद खास रहा है. करीब तीन साल पहले आइल ऑफ मैन के खिलाफ जीत के साथ शुरू हुआ सिलसिला अब भी जारी है. इस दौरान स्पेन ने यूरोप की कई एसोसिएट टीमों को मात दी है. जर्सी, क्रोएशिया, चेक रिपब्लिक, ग्रीस और फिनलैंड जैसी टीमें उसके विजय अभियान का शिकार बनीं. स्पेन ने 2024 में ही लगातार 14वां टी20 इंटरनेशनल जीतकर इस फॉर्मेट में लगातार सबसे ज्यादा जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था. इसके बाद भी टीम की रफ्तार नहीं थमी और अब विनिंग स्ट्रीक 21 मैचों तक पहुंच गया है.
पोटिंग की टीम का रिकॉर्ड तोड़ा
स्पेन की 21वीं जीत ने रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली 2003 की ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऐतिहासिक विजय अभियान को भी पीछे छोड़ दिया. ऑस्ट्रेलिया ने 2003 में लगातार 17 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले जीते थे. इसी दौरान पोंटिंग की टीम ने साउथ अफ्रीका में खेले गए वर्ल्ड कप में एक भी मैच गंवाए बिना ट्रॉफी उठाई थी. जोहानिसबर्ग में खेले गए फाइनल में उसने भारत को हराया था. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट जीते. वनडे और टेस्ट को मिलाकर ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 20 इंटरनेशनल मुकाबलों में जीत दर्ज की थी. स्पेन ने अब 21 लगातार जीत के साथ उस आंकड़े को पार कर दिया.
स्पेन भले ही क्रिकेट के बड़े देशों में शामिल नहीं है, लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उसका रिकॉर्ड चौंकाने वाला रहा है. स्पेन 1992 में ICC का एफिलिएट सदस्य बना था और 2017 में उसे एसोसिएट सदस्य का दर्जा मिला. 2019 में टी20 इंटरनेशनल स्टेटस मिलने के बाद स्पेन ने 50 मुकाबले खेले हैं. इनमें उसने 41 मैच जीते हैं और सिर्फ आठ में हार का सामना किया है. ये आंकड़े यूरोपीय एसोसिएट क्रिकेट में उसके तेजी से बढ़ते कद को दिखाते हैं.