भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. 3 अक्टूबर (शनिवार) को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को जीत के लिए 352 रनों का टारगेट दिया था, जिसे उसने 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. वेस्टइंडीज के जीत के हीरो कप्तान शाई होप रहे. होप ने 143 बॉल पर नाबाद 162 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और तीन छक्के शामिल रहे.
भारतीय टीम वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले पहले ही जीत चुकी थी. ऐसे में उसने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली. तिरुवनंतपुरम में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले को भारतीय टीम ने 8 विकेट से जीता था. वहीं गुवाहाटी ओडीआई में भी टीम इंडिया ने इसी अंतर से धमाकेदार जीत हासिल की थी.
तीसरे वनडे की समाप्ति बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने ट्रॉफी रिसीव की. हालांकि शुभमन जो किया, उसने फैन्स का दिल जीत लिया. शुभमन ने ट्रॉफी नमन धीर, औकिब नबी को थमा दी. यह तस्वीर भारतीय क्रिकेट की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें जीत को पूरी टीम और खासकर युवा पीढ़ी के साथ साझा किया जाता है.
शुभमन ने निभाई धोनी वाली परंपरा
शुभमन गिल का यह अंदाज महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली की याद दिलाता है. इन दिग्गज कप्तानों ने भी कई मौकों पर खिताब जीतने के बाद युवा खिलाड़ियों को ट्रॉफी के साथ जश्न मनाने का मौका दिया था. अब शुभमन ने भी उसी परंपरा को कायम रखा है.
नमन धीर, अंशुल कम्बोज और आकिब नबी के लिए यह पल खास रहा. ट्रॉफी के साथ उनकी तस्वीरें टीम इंडिया के जश्न की सबसे यादगार तस्वीरों में शामिल हो गईं. शुभमन गिल के इस छोटे से कदम ने एक बार फिर दिखाया कि कप्तानी सिर्फ मैदान पर फैसले लेने तक सीमित नहीं होती, बल्कि टीम के हर सदस्य को जीत का हिस्सा बनाने में भी दिखाई देती है.
नमन धीर, अंशुल कम्बोज और आकिब नबी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के दौरान अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया. नमन धीर ने इस सीरीज में तीनों मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने कुल 30 रन बनाए और एक विकेट हासिल किया. वहीं अंशुल कम्बोज को मुल्लांपुर में ओडीआई डेब्यू का मौका मिला. ओडीआई डेब्यू पर कम्बोज ने 17 रन बनाए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. जबकि आकिब नबी ने गुवाहाटी में अपना ओडीआई डेब्यू किया, जहां उन्होंने बिना विकेट लिए 84 रन लुटा दिए थे.