आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में रविवार को टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है. इस जीत के असली हीरो रहे संजू सैमसन रहे जिन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. संजू ने इस वर्ल्ड कप में बहुत से उतार चढ़ाव देखे. लेकिन आज उन्होंने अकेले पूरी वेस्टइंडीज टीम को घुटनों पर ला दिया और भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया.
भारत की जीत के बाद संजू सैमसन भावुक नजर आए और बोले कि यह दिन उनकी जिंदगी के सबसे बड़े दिनों में से एक है. संजू ने 50 गेंदों में नाबाद 97 रनों की पारी खेली. जिसके दम पर भारत ने विंडीज के 196 रनों के टोटल को 20वें ओवर में चेज कर लिया.
“इस दिन का इंतजार था”
संजू सैमसन ने प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद कहा कि बचपन से देश के लिए खेलने का सपना देखा था और आज उन्हें लग रहा है कि उनका इंतजार पूरा हुआ. उन्होंने माना कि उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, कई बार खुद पर शक भी हुआ, लेकिन उन्होंने भरोसा नहीं छोड़ा.
सैमसन ने बताया कि भले ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मैच नहीं खेले, लेकिन डगआउट में बैठकर उन्होंने दिग्गजों से बहुत कुछ सीखा. उन्होंने खास तौर पर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों का नाम लिया और कहा कि उन्होंने देखा कि बड़े खिलाड़ी मैच को कैसे फिनिश करते हैं और परिस्थिति के अनुसार अपना खेल कैसे बदलते हैं.
उन्होंने कहा कि पिछला मैच अलग था क्योंकि तब टीम पहले बल्लेबाजी कर रही थी और बड़ा स्कोर बनाना था. लेकिन इस मुकाबले में विकेट गिर रहे थे, इसलिए उन्होंने साझेदारी बनाने और एक-एक गेंद पर ध्यान देने का फैसला किया.
संजू ने बताया अपना गेम प्लान
संजू ने कहा, मैंने कुछ खास करने के बारे में नहीं सोचा, बस अपनी भूमिका निभाने पर ध्यान दिया. यह मेरी जिंदगी के सबसे महान दिनों में से एक है.
सूर्या ने भी की जमकर तारीफ
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसे क्वार्टरफाइनल जैसा मैच बताया. उन्होंने कहा कि टीम ने दबाव में शानदार चरित्र दिखाया. सूर्या ने कहा, अच्छे लोगों (संजू) के साथ अच्छी चीजें होती हैं. जब वह नहीं खेल रहे थे, तब भी मेहनत कर रहे थे और आज उन्हें उसका फल मिला.
कप्तान ने बताया कि 200 रन का लक्ष्य हमेशा चेज किया जा सकता है, खासकर जब ओस के कारण गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है. टीम की योजना थी कि मैच को आखिर तक ले जाया जाए और वही रणनीति काम आई.
मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल को लेकर सूर्या ने कहा कि टीम एक-एक मैच पर फोकस कर रही है. उन्होंने यह भी माना कि बड़े मुकाबलों में घबराहट होती है, लेकिन उसे संभालना ही असली चुनौती है.