शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 में सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. शनिवार (12 सितंबर) को लुधियाना लायंस के खिलाफ सेमीफाइनल में भी प्रभसिमरन सिंह ने जालंधर वॉरियर्स के लिए कप्तानी पारी खेली. प्रभसिमसन ने 35 गेंदों पर 63 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और चार छक्के शामिल रहे. हालांकि प्रभसिमसन की ये तूफानी पारी जालंधर वॉरियर्स को जीत नहीं दिला सकी.
जालंधर वॉरियर्स को सेमीफाइनल में लुधियाना लायंस ने 17 रनों से हरा दिया. मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में लुधियाना लायंस ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 220 रन बनाए. सलिल अरोड़ा ने सिर्फ 56 गेंदों पर 120 रन बना दिए, जिसमें 10 छक्के और 7 चौके शामिल थे. वहीं माधव सिंह पठानिया ने 22 बॉल पर नाबाद 42 रनों का योगदान दिया.
जवाब में जालंधर वॉरियर्स प्रभसिमरन सिंह की तूफानी बल्लेबाजी के बावजूद 8 विकेट पर 203 रन ही बना सकी. लुधियाना लायंस के लिए साहिल भास्कर ने 16 रन देकर 6 विकेट झटके. अब 13 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में लुधियाना लायंस की टक्कर अमृतसर सूरमाज से होगी.
प्रभसिमरन ने जड़े 2 शतक
जालंधर वॉरियर्स भले ही फाइनल में नहीं पहुंच सकी, लेकिन कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने अपने प्रदर्शन से फैन्स का दिल जीता. उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 9 मैच खेलकर 575 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे. इस दौरान उनका औसत 82.14 रहा. सबसे खास बात उनकी रन बनाने की रफ्तार रही, जहां उन्होंने 201.05 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की.
प्रभसिमरन सिंह ने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 57 चौके और 34 छक्के लगाए. यानी बाउंड्री के जरिए उन्होंने 432 रन जुटाए. उनके तूफानी अंदाज को इस बात से समझा जा सकता है कि 575 रन बनाने के बावजूद उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा. टी20 क्रिकेट में इतनी तेज गति से रन बनाते हुए 82 प्लस औसत बनाए रखना उनके प्रदर्शन को और खास बनाता है.
26 साल के प्रभसिमरन सिंह का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब भारतीय घरेलू क्रिकेट में कई युवा बल्लेबाज अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में उनके आंकड़े निश्चित तौर पर इस टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजी परफॉर्मेंस में शामिल हैं.
प्रभसिमरन को कब मिलेगा मौका?
प्रभसिमरन सिंह को इस साल जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया था, हालांकि वो तीनों ही मैचों में बेंच पर बैठे रहे. इससे पहले वो हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम का हिस्सा थे, मगर एक भी मैच में मौका नहीं मिला. प्रभसिमरन अब तक भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर पाए हैं.
हालांकि वो बल्ले से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी प्रभसिमरन सिंह कई मौकों पर पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए मैच जिताने वाली इनिंग्स खेल चुके हैं. अब देखना होगा कि सेलेक्टर्स प्रभसिमरन को मौका देते हैं या नहीं.