पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के खिलाफ जैव सुरक्षित वातावरण में टेस्ट सीरीज खेलने वाली है. उसका इंग्लैंड दौरा तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के साथ पांच अगस्त से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू होगा. पूर्व कप्तान रमीज राजा का मानना है कि एक दशक से अधिक समय से दूसरे अवसर का इंतजार कर रहे बाएं हाथ के बल्लेबाज फवाद आलम को मौका मिलना चाहिए.
रमीज ने कहा कि 34 साल के फवाद आलम लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में दूसरे मौके इंतजार कर रहा है. उन्होंने यूट्यूब पर प्रशंसकों के जवाब देते हुए कहा, ‘मेरा मानना है कि उसने (फवाद) घरेलू क्रिकेट में जिस तरह से लगातार अच्छा प्रदर्शन किया उसे देखते हुए वह मौके का हकदार है, क्योंकि अब उसकी उम्र बढ़ती जा रही है.’
रमीज ने कहा, ‘मुझे लगता कि उन्हें फवाद आलम को टीम में रखना चाहिए क्योंकि वह लंबे समय से इंतजार कर रहा है. अगर यह इंतजार और लंबा खिंचता है तो उस पर उम्र का असर दिखना शुरू हो सकता है, क्योंकि आपके ‘रिफ्लेक्स’ धीमे पड़ने लग जाते हैं. उसे टेस्ट सीरीज में निश्चित तौर पर एक मौका मिलना चाहिए.’
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पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज पांच अगस्त से शुरू होगी. आलम ने पाकिस्तान की तरफ से केवल तीन टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 41.66 की औसत से 250 रन बनाए हैं. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ड्यूनेडिन में खेला था.
Pakistan squad arrival in Derby.
— Pakistan Cricket (@TheRealPCB)
मध्यक्रम के बल्लेबाज हारिश सोहेल के निजी कारणों से हटने के कारण आलम को मौका मिलने की संभावना है. श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2009 में अपने टेस्ट पदार्पण पर शतक जड़ने वाले आलम ने 2010 से 2015 के बीच 38 वनडे और 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले.
रमीज ने इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान को अंतिम एकादश में तीन सलामी बल्लेबाजों रखकर इमाम उल हक को तीसरे नंबर पर उतारना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘वे इमाम को अतिरिक्त सलामी बल्लेबाज के रूप में रख सकते हैं क्योंकि कोविड-19 की परिस्थितियों में गेंदबाज गेंद को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, ऐसे में बिना विकेट गंवाए नई गेंद की चमक खत्म करना महत्वपूर्ण होगा. इसलिए मुझे लगता है कि टीम में अतिरिक्त सलामी बल्लेबाज होना चाहिए.’