T20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में है, जहां भारत और इंग्लैंड की टीमें फाइनल का टिकट पाने के लिए आमने-सामने होंगी. इतिहास के लिहाज से यह मैदान भारतीय टीम के लिए बहुत सुखद नहीं रहा है, हालांकि मौजूदा फॉर्म और घरेलू हालात टीम इंडिया को संतुलन देते नजर आते हैं.
वानखेड़े में वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों की यादें भारत के लिए ज्यादा अच्छी नहीं रही हैं. 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत को छोड़ दें तो भारत ने इस मैदान पर तीन आईसीसी नॉकआउट में से दो गंवाए हैं.
इनमें 1987 का वनडे वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल भी शामिल है, जब इंग्लैंड ने भारत को हराया था. ग्राह्रम गूच ने उस मुकाबले में तब 115 रन बनाए थे, इसकी बदौलत इंग्लैंड ने 254 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय टीम 219 रनों पर 45.3 ओवर्स में 219 रनों पर सिमट गई थी. मोहम्मद अजहरुद्दीन ने तब 64 रन बनाए थे. अब दिलचस्प बात यह है कि इस बार भी भारत के सामने वही प्रतिद्वंद्वी खड़ा है. ऐसे में भारत, नतीजा बदलने उतरेगा.
हालांकि मौजूदा टूर्नामेंट में दोनों टीमों का प्रदर्शन उतना दबदबे वाला नहीं रहा. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम और हैरी ब्रूक की अगुआई वाली इंग्लैंड टीम दोनों ही कई मौकों पर नाजुक स्थिति में दिखी हैं. ऐसे में यह मुकाबला अपराजेय टीमों की टक्कर से ज्यादा इस बात की परीक्षा होगा कि दबाव में कौन बेहतर प्रदर्शन करता है.
भारत ने इस टूर्नामेंट में सेमीफाइनल तक का सफर टीम प्रयास से ज्यादा व्यक्तिगत प्रदर्शनों के सहारे तय किया है. अलग-अलग मैचों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने टीम को संभाला. अमेरिका के खिलाफ कप्तान सूर्यकुमार यादव, नामीबिया और पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन, नीदरलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ शिवम दुबे, जिम्बाब्वे के खिलाफ अभिषेक शर्मा-हार्दिक पंड्या की जोड़ी और वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने अहम योगदान दिया.
फिर भी एक इकाई के रूप में टीम इंडिया अब तक उस स्तर पर नहीं दिखी है, जिसकी उम्मीद टूर्नामेंट की फेवरिट टीम से की जाती है. टीम की कुछ परेशानियां लगातार सामने आई हैं. बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा का फॉर्म उतार-चढ़ाव भरा रहा है, वहीं गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती भी लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं. कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पहले मैच के बाद वैसी लय में नहीं दिखे हैं.सबसे ज्यादा चिंता फील्डिंग को लेकर रही है. पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने कई आसान कैच छोड़े हैं, जिसने कई मैचों में दबाव बढ़ाया.
𝗧𝗵𝗲 𝘁𝗶𝘁𝗹𝗲 𝗱𝗲𝗳𝗲𝗻𝗰𝗲 𝗰𝗼𝗻𝘁𝗶𝗻𝘂𝗲𝘀 🇮🇳#TeamIndia are semi-finals bound in the #T20WorldCup 👏
— BCCI (@BCCI) March 1, 2026
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हालांकि गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह कई बार टीम के संकटमोचक बने हैं. जब भी मुकाबला हाथ से फिसलता नजर आया, बुमराह ने अपनी सटीक गेंदबाजी से टीम को वापसी दिलाई. कई मौकों पर अर्शदीप सिंह ने वाइड यॉर्कर से और हार्दिक पंड्या ने स्लोअर बाउंसर से अहम विकेट निकाले, लेकिन इन दोनों की गेंदबाजी भी लगातार प्रभावी नहीं रही.
भारतीय टीम चाहेगी कि सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में व्यक्तिगत चमक के बजाय सामूहिक प्रदर्शन देखने को मिले, जिससे इंग्लैंड को हराकर 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनल में जगह बनाई जा सके.
घरेलू परिस्थितियां भी भारत के पक्ष में जा सकती हैं. वानखेड़े स्टेडियम कई भारतीय खिलाड़ियों के लिए घरेलू मैदान जैसा है. कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, शिवम दुबे और ईशान किशन यहां मुंबई या मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं.
हैरी ब्रूक ने सेमीफाइनल को लेकर क्या कहा?
वहीं इंग्लैंड का भी इस टूर्नामेंट में बहुत स्थिर नजर नहीं आया है, लेकिन कप्तान हैरी ब्रूक ने सेमीफाइनल से पहले पूरा भरोसा जताया है. ब्रूक ने कहा- हमें कभी ऐसा नहीं लगता कि हम मैच से बाहर हो गए हैं. बस टॉप-7 में से किसी एक बल्लेबाज को बड़ा स्कोर बनाना होता है या गेंदबाजों में से किसी का दिन अच्छा होना चाहिए. ऐसा होते ही मैच का नतीजा बदल सकता है.
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ ब्रूक की शानदार सेंचुरी की बदौलत जीत दर्ज की थी. न्यूजीलैंड के खिलाफ भी टीम मुश्किल में थी, लेकिन रेहान अहमद की तेज पारी ने टीम को जीत दिलाई. श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड ने कम स्कोर वाले रोमांचक मैच में जीत दर्ज की, जबकि नेपाल के खिलाफ भी टीम को कड़ी चुनौती मिली थी. वहीं मुंबई में वेस्टइंडीज ने उन्हें इसी मैदान और इसी पिच पर हराया था.
वानखेड़े की पिच और हालात?
वानखेड़े की पिच पर हल्की घास नजर आ रही है, लेकिन भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल का मानना है कि मुकाबला हाई-स्कोरिंग हो सकता है. खास बात यह है कि इसी मैदान पर पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने शतक जड़ा था. हालांकि आईसीसी टूर्नामेंट के मुकाबले द्विपक्षीय सीरीज से अलग होते हैं और यहां दबाव कहीं ज्यादा रहता है.

क्या प्लेइंग 11 वानखेड़े में बदलेगी?
पिछले मैच में वेस्टइंडीज को आसानी से हराने के बाद भारतीय टीम अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने के मूड में नहीं दिख रही है, हालांकि कुछ विशेषज्ञ अभिषेक शर्मा की जगह रिंकू सिंह को खिलाने की बात कर रहे हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले मैच में इंग्लैंड ने अतिरिक्त स्पिनर के रूप में रेहान अहमद को मौका दिया था और उन्होंने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया. हालांकि उस मैच की पिच स्पिन के लिए मददगार थी. वानखेड़े की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, इसलिए टीम तेज गेंदबाज जेमी ओवरटन को वापस ला सकती है.
इंग्लैंड के पास पहले से तीन अलग-अलग तरह के स्पिन विकल्प मौजूद हैं. इनमें आदिल राशिद (लेग स्पिन), लियाम डॉसन (लेफ्ट-आर्म स्पिन) और विल जैक्स (ऑफ स्पिन). जैक्स खास तौर पर टॉप ऑर्डर के खिलाफ मैच-अप के रूप में उपयोगी साबित हो सकते हैं.
टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग XI: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती
इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद
आंकड़ों में भारत-इंग्लैंड