Donald Trump, iran war अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर संयुक्त हमलों से शुरू हुई ये महाजंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जो डेडलाइन दी है, वह जल्द ही खत्म होने वाली है. माना जा रहा है कि ट्रंप किसी बड़े हमले की तैयारी में हैं. वहीं, ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है.
इस बीच इज़रायल की सेना ने कहा है कि ईरान ने मंगलवार शाम कई मिसाइलें दागी. यह दिन में सातवीं बार हुआ जब ईरान की ओर से हमला किया गया. देश के दक्षिणी हिस्सों में सायरन बजने लगे, जिसके बाद लोगों को सुरक्षित ठिकानों (शेल्टर) में जाना पड़ा. इससे पहले के हमले मुख्य रूप से तेल अवीव जैसे बड़े महानगर, मध्य इज़रायल और कब्जे वाले वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों को निशाना बना चुके थे. उत्तरी इज़रायल के इलाकों पर भी हिज़्बुल्लाह की ओर से लगातार हमले जारी रहे हैं.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय की गई डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, ईरान में आशंका बढ़ रही है कि अगर बिजली संयंत्रों पर हमला हुआ, जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है, तो लोगों को समस्या हो सकती है. समय-सीमा के करीब आते ही तेहरान के निवासी बोतलबंद पानी जमा करने, मोबाइल फोन चार्ज करने, टॉर्च और पावर बैंक इकट्ठा करने में जुट गए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सभी युद्धरत पक्षों से अपील की है कि वे दो हफ्तों तक युद्धविराम का पालन करें. शहबाज शरीफ ने ईरान सेअनुरोध किया कि सद्भावना के तौर पर इसी अवधि के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला जाए. साथ ही, शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी अपील की है कि ईरान को दी गई डेडलाइन को दो हफ्तों के लिए बढ़ाया जाए.
आईडीएफ ने ईरान में सोनार सिस्टम और पनडुब्बी पहचान प्रणाली बनाने वाली सबसे महत्वपूर्ण साइट पर हमला किया. आईडीएफ ने कहा कि वह ईरानी शासन की सभी प्रणालियों और उसकी क्षमताओं को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है.
अमेरिकी साइबर सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों ने कहा कि मौजूदा तनाव के जवाब में ईरान से जुड़े हैकिंग अभियान तेज हो गए हैं, जो अमेरिका के कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को निशाना बना रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि वो ईरान की सभ्यता खत्म कर देंगे और ऐसा खत्म करेंगे कि ये दोबारा पनप नहीं सकेगी. ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने अपने नागरिकों को बचाने की पूरी तैयारी कर ली है. जानकारी के मुताबिक, ईरान के एकमात्र न्यूक्लियर प्लांट वाले शहर बुशहर में लोगों ने तो न्यूक्लियर हमले से बचने की तैयारियां की हैं.