ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में टेस्ट मैच हराना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं रहा है. बांग्लादेश ने डार्विन में यह मुश्किल काम कर दिखाया. पहले टेस्ट में 9 विकेट की ऐतिहासिक जीत के साथ बांग्लादेश ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली बार टेस्ट मुकाबला जीता, बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए. एक मामले में उसने भारत और पाकिस्तान जैसी क्रिकेट की दिग्गज टीम्स को भी पीछे छोड़ दिया.
बांग्लादेश को जीत के लिए सिर्फ 57 रनों की जरूरत थी, जिसे मेहमान टीम ने एक विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल किया. बांग्लादेश अब सबसे कम टेस्ट खेलकर ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली जीत हासिल करने वाली एशियाई टीम बन गई है. उसने यहां अपने तीसरे टेस्ट में ही कंगारुओं को शिकस्त दे दी.
भारत को लग गए थे 12 टेस्ट मैच
पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली टेस्ट जीत के लिए सात मुकाबलों का इंतजार करना पड़ा था, जबकि भारत ने अपने 12वें टेस्ट में यह सफलता हासिल की थी. श्रीलंका के लिए इंतजार और भी लंबा हो चुका है. उसने ऑस्ट्रेलिया में 15 टेस्ट खेले हैं, लेकिन अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाया है.
बांग्लादेश की जीत ने ऑस्ट्रेलिया के घरेलू दबदबे को भी बड़ा झटका दिया है. ऑस्ट्रेलिया ने 31 साल बाद अपने घर में भारत के अलावा किसी दूसरी एशियाई टीम के खिलाफ टेस्ट मैच गंवाया है. इससे पहले 1995 में उसे पाकिस्तान ने उसके घर में हराया था. इस लंबे अंतराल के दौरान भारत ने जरूर ऑस्ट्रेलिया में कई यादगार जीत हासिल कीं, लेकिन दूसरी एशियाई टीमें ऐसा नहीं कर सकीं. बांग्लादेश ने डार्विन में उस सिलसिले को खत्म कर दिया.
जीत का अंतर भी बांग्लादेश के लिए रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया. विकेटों के लिहाज से यह उसके टेस्ट इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत है. इस मामले में पहले नंबर पर 2024 का रावलपिंडी टेस्ट है. तब बांग्लादेश ने पाकिस्तान को उसके घर में 10 विकेट से हराया था. अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 विकेट की जीत इस सूची में दूसरे स्थान पर आ गई है.
विदेशी परिस्थितियों में बांग्लादेश के प्रदर्शन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. खासकर SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों में उसके लिए टेस्ट जीत बेहद दुर्लभ रही है. SENA देशों में ये उसकी महज दूसरी टेस्ट सफलता है. इससे पहले जनवरी 2022 में उसने माउंट माउंगानुई में न्यूजीलैंड को आठ विकेट से हराकर बड़ा उलटफेर किया था. अब ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में मात देकर उसने अपनी विदेशी उपलब्धियों में एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया.