गॉल में खेले गए श्रीलंका-भारत पहले टेस्ट में भारत ने 165 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. इस मैच के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में दो बड़े नामों कुलदीप यादव और मानव सुथार पर खुलकर बात की.
कुलदीप यादव पूरे मैच में सिर्फ एक विकेट ले पाए. उन्होंने दोनों पारी मिलाकर 25 ओवर फेंके और 103 रन दिए. रहाणे ने साफ कहा कि कुलदीप अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं दिखे. बॉलर आत्मविश्वास से भरा नहीं लगा और उस लय का अभाव था जो आमतौर पर उनमें दिखती है. रहाणे का मानना है कि इस समय कुलदीप को टीम के सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत है.
रहाणे ने कहा- मैं चाहता हूं कि कुलदीप यादव को और कॉन्फिडेंस दिया जाए. इस वक्त टीम को उनके साथ खड़ा रहना होगा. जब भी महत्वपूर्ण स्थितियां आती हैं, उन्होंने विकेट लिए हैं. हां, यहां उन्हें ज्यादा गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला. खेल में ये सब होता है और कभी-कभी लय नहीं मिलती. लेकिन अगर शर्तें समान रहीं तो मैं चाहता हूं कि कुलदीप को बैक किया जाए. वह मैच-विनिंग बॉलर हैं. अगर टीम अब उनका साथ देगी तो वे डिलीवर करेंगे.
दूसरी तरफ युवा लेफ्ट-आर्म स्पिनर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने पहली पारी में 4 और दूसरी में 6 विकेट लेकर कुल 10 विकेट लिए. यही प्रदर्शन भारत की जीत का बड़ा कारण बना. रहाणे ने सुथार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण उन्हें मौका मिला था.
रहाणे ने आगे कहा- मानव को मौका मिलना चाहिए था क्योंकि पिछले टेस्ट में उन्होंने बहुत अच्छा किया था. उनकी गेंदबाजी शानदार रही और आत्मविश्वास साफ दिख रहा था. सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने पहली गेंद पर ही विकेट लिया. एक गेंदबाज के लिए पहली गेंद पर सही जगह मारना बहुत जरूरी है. इसके लिए या तो बहुत अनुभव चाहिए या अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा. वह गेंद अनप्लेबल थी. पहली और दूसरी पारी में उनकी गेंदबाजी की स्पीड में सूक्ष्म बदलाव दिखे. इसका मतलब है कि वे अपनी गेंदबाजी के बारे में सोचते हैं और यह बड़ी क्षमता है. शुरुआत शानदार रही है. अब इस प्रदर्शन का आनंद लेना जरूरी है, लेकिन साथ ही देखना होगा कि आगे कैसे सुधार कर सकते हैं.
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दूसरे टेस्ट के प्लेइंग XI को लेकर भी रहाणे ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि किसी भी बदलाव का फैसला पिच की शर्तों पर निर्भर करेगा. आमतौर पर श्रीलंका में स्पिन-फ्रेंडली शर्तें होती हैं. अगर सीमिंग विकेट हो और उस पर कुछ घास हो तो एक बदलाव संभव है. लेकिन अगर गॉल जैसी शर्तें रहीं तो टीम में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा- यह कंडीशन्स पर निर्भर करता है. आमतौर पर श्रीलंका में स्पिन-फ्रेंडली शर्तें उम्मीद की जाती हैं. कई साल पहले जब हमने एसएससी पर खेला था तो सीमिंग शर्तें थीं. तो देखना होगा कि तीन स्पिनर चाहिए या तीन पेसर. अगर सीमिंग कंडीशन्स हों और सूखी विकेट न हो, थोड़ी घास हो तो शायद एक बदलाव हो सकता है. वरना अगले टेस्ट के लिए कोई बदलाव नहीं दिखता. अगर कंडीशन्स गॉल जैसी समान रहीं तो मुझे लगता है कि वही टीम रहेगी.