देश के उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी है. 20 मई 2026 को उत्तर भारत आग की भट्टी में तब्दील हो गया है. कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. लू की तेज हवाएं, तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है.
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को देश के लगभग 50% हिस्से में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, विदर्भ और ओडिशा जैसे राज्यों में भारी गर्मी पड़ रही है. उत्तर प्रदेश के बांदा में सबसे ज्यादा तापमान 48.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है.
यह भी पढ़ें: "दिल्ली, UP और MP... अगले 7 दिन गर्मी का रेड अलर्ट, मौसम वैज्ञानिक दे रहे ये चेतावनी
सबसे ज्यादा गर्मी वाले शहरों की स्थिति
नीचे दी गई तालिका में देश के उन स्टेशनों की सूची है जहां 20 मई 2026 को 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान दर्ज किया गया...

सबसे ज्यादा गर्मी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में पड़ रही है. बांदा, खजुराहो, वर्धा, रोहतक और नागपुर जैसे शहर इस समय आग उगल रहे हैं.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मई के अंत तक गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं. उत्तर-पश्चिम भारत, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत तथा उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्से में 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान बना रहने की संभावना है. लू की स्थिति भी जारी रहेगी.
यह भी पढ़ें: अमेरिका को ईरान युद्ध में बड़ा झटका: 42 विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त, रिपोर्ट में खुलासा
आम लोगों पर असर
इस भीषण गर्मी में दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और सड़क पर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने, खूब पानी पीने, ORS लेने और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी है.
सरकार और प्रशासन भी हाई अलर्ट पर हैं. स्कूलों के समय में बदलाव, पशुओं के लिए छाया और पानी की व्यवस्था जैसी तैयारियां की जा रही हैं. उत्तर भारत इस समय वाकई आग की भट्टी बना हुआ है. अगले कुछ दिनों में अगर कोई ठंडी हवा या प्री-मानसून वर्षा नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है.