अमेरिका को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान में भारी नुकसान हुआ है. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिका के 42 विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए. इनमें फाइटर जेट्स और ड्रोन्स शामिल हैं. कॉन्ग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संख्या अभी अंतिम नहीं है और आगे बढ़ सकती है.
28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था. यह एक बड़ा सैन्य अभियान था, जिसमें अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने बड़े पैमाने पर हमले किए. CRS रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के दौरान अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
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कितने और कौन-कौन से विमान हुए नुकसान?
रिपोर्ट के मुताबिक कुल 42 विमान प्रभावित हुए. इनमें शामिल हैं...

MQ-9 Reaper ड्रोन्स का नुकसान सबसे ज्यादा है, जो अमेरिकी सेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
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नुकसान की लागत कितनी?
मई 2026 में अमेरिकी कांग्रेस की एक सुनवाई के दौरान पेंटागन के एक्टिंग कंपट्रोलर जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट III ने बताया कि ईरान अभियान की कुल अनुमानित लागत बढ़कर 29 बिलियन डॉलर (लगभग 2.80 लाख करोड़ रुपये) हो गई है. उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी का बड़ा कारण क्षतिग्रस्त और नष्ट हुए उपकरणों की मरम्मत या बदलने की लागत है.
कॉन्ग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) अमेरिकी कांग्रेस को नीति और कानूनी विश्लेषण दिलाती है. इस रिपोर्ट को न्यूज रिपोर्ट्स, डिफेंस डिपार्टमेंट और US सेंट्रल कमांड के बयानों के आधार पर तैयार किया गया है. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि युद्ध अभी चल रहा है, इसलिए नुकसान की संख्या में बदलाव हो सकता है.
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ईरान युद्ध का असर
यह नुकसान अमेरिका के लिए काफी बड़ा माना जा रहा है. खासकर F-35 और F-15 जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स का नुकसान और 24 MQ-9 Reaper ड्रोन्स का खोना अमेरिकी वायुसेना की क्षमता पर असर डाल सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर विमानों का नुकसान किसी भी देश के लिए चिंता का विषय है, भले ही वह सुपर पावर क्यों न हो.
अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशनल एपिक फ्यूरी में 42 विमानों के नष्ट या क्षतिग्रस्त होने की खबर अमेरिकी सैन्य अभियान की कीमत को उजागर करती है. 29 बिलियन डॉलर की बढ़ी हुई लागत और भारी नुकसान दिखाता है कि आधुनिक युद्ध कितने महंगे और जोखिम भरे हो सकते हैं.