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बारिश की एक बूंद और मुसीबत शुरू! अपनी नाक की वजह से छींकता रहता है ये दुर्लभ बंदर

म्यांमार के जंगलों में मिलने वाला यह दुर्लभ बंदर अपनी अजीब नाक की वजह से चर्चा में है. बारिश के दौरान नाक में पानी जाने पर इसके छींकने की बात कही जाती है. खतरे में पड़ी इस प्रजाति की कहानी भी काफी दिलचस्प है.

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चीन के सिचुआन प्रांत में मौजूद एक जंगल में बैठा गोल्डन स्नब-नोज्ड मंकी. (Photo: Getty)
चीन के सिचुआन प्रांत में मौजूद एक जंगल में बैठा गोल्डन स्नब-नोज्ड मंकी. (Photo: Getty)

बारिश की बूंदें ज्यादातर जानवरों के लिए आम बात हैं. लेकिन म्यांमार का एक बेहद दुर्लभ बंदर बारिश में परेशान हो जाता है. इसे म्यांमार स्नब-नोज्ड मंकी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम राइनोपिथेकस स्ट्राइकेरी है. इसकी नाक के छेद ऊपर की तरफ मुड़े हुए हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश में पानी इसकी नाक में चला जाता है और इसके बाद इसे छींक आने लगती है.

यह बंदर म्यांमार के उत्तरी काचिन इलाके के पहाड़ी जंगलों में पाया जाता है. यह चीन के युन्नान इलाके में भी मिलता है. वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति की पहचान 2010 में की थी. 2011 में इसके बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्रकाशित हुई. आज यह दुनिया के सबसे दुर्लभ बंदरों में शामिल है. आईयूसीएन की रेड लिस्ट में इसे क्रिटिकली एंडेंजर्ड श्रेणी में रखा गया है.

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Myanmar Snub-Nosed Monkey

ऊपर की ओर मुड़ी है नाक

इस बंदर की सबसे खास चीज इसकी नाक है. इसके नाक के छेद ऊपर की तरफ हैं. इसके शरीर का रंग ज्यादातर काला होता है. कानों के पास और ठुड्डी पर सफेद बाल होते हैं. इसकी पूंछ भी काफी लंबी होती है. वैज्ञानिकों को बारिश में इसके छींकने की जानकारी स्थानीय शिकारियों से मिली थी. उनके मुताबिक, बारिश की बूंदें इसकी नाक में चली जाती हैं और यह छींकने लगता है. 

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बारिश के समय यह अपना चेहरा घुटनों के बीच छिपाकर बैठता है, ऐसा भी बताया गया था. हालांकि, वैज्ञानिकों ने लंबे समय तक जंगल में इसकी निगरानी की, लेकिन बारिश में इस तरह चेहरा छिपाने का व्यवहार साफ तौर पर दर्ज नहीं किया. इसलिए बारिश में छींकने और चेहरा छिपाने वाली बात को स्थानीय लोगों की जानकारी के तौर पर ही देखा जाता है.

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Myanmar Snub-Nosed Monkey

पहाड़ों के जंगल में रहता है

म्यांमार स्नब-नोज्ड मंकी ठंडे और नम पहाड़ी जंगलों में रहता है. आईयूसीएन के मुताबिक, यह करीब 1,720 मीटर से 3,190 मीटर तक की ऊंचाई वाले इलाकों में पाया जाता है. यह बंदर म्यांमार के साथ चीन के युन्नान इलाके में भी मिलता है. दोनों देशों की सीमा के पास इसके कुछ समूह पाए गए हैं. वैज्ञानिकों ने इन समूहों पर रिसर्च भी की है.

आबादी अब भी बहुत कम

जब इस बंदर की पहली बार पहचान हुई थी, तब इसकी आबादी करीब 260 से 330 होने का अनुमान लगाया गया था. बाद में चीन में इसके कुछ और समूह मिले. आईयूसीएन के आकलन के मुताबिक, अब करीब 350 से 400 वयस्क बंदर बचे होने का अनुमान है. इसकी संख्या कम होने की बड़ी वजह जंगलों का खत्म होना और शिकार है. जंगलों में सड़क और दूसरी निर्माण गतिविधियां बढ़ने से इंसानों की पहुंच भी बढ़ती है. इससे इन बंदरों पर शिकार का खतरा बढ़ जाता है.

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Myanmar Snub-Nosed Monkey

क्रिटिकली एंडेंजर्ड है प्रजाति

म्यांमार स्नब-नोज्ड मंकी को आईयूसीएन की रेड लिस्ट में क्रिटिकली एंडेंजर्ड रखा गया है. इसका मतलब है कि यह प्रजाति खत्म होने के बहुत ज्यादा खतरे में है. फॉना एंड फ्लोरा के मुताबिक, इस बंदर को बचाने के लिए जंगलों में कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ मिलकर भी इसके संरक्षण पर काम किया जा रहा है.

2020 में माउंट इमाबुम नेशनल पार्क बनने से इसके रहने वाले जंगलों की सुरक्षा में भी मदद मिली है. बारिश में छींकने वाली अपनी खासियत की वजह से यह बंदर काफी अलग दिखता है. लेकिन इसके सामने सबसे बड़ा खतरा बारिश नहीं, बल्कि जंगलों का कम होना और शिकार है. इसके जंगलों को बचाना ही इस दुर्लभ बंदर को बचाने का सबसे जरूरी तरीका है.

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