जुलाई 2026 में ग्रहों की चाल में दो बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. 14 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति अस्त होंगे. फिर 27 जुलाई को शनि मीन राशि में रहते हुए वक्री चाल शुरू करेंगे. इन दोनों ग्रहों की स्थिति में बदलाव का प्रभाव कई राशियों पर पड़ेगा. विशेष रूप से सिंह, धनु और कुंभ राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र, आर्थिक, और व्यक्तिगत जीवन अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है. इस अवधि में संयम और सोच-समझकर कदम उठाना अधिक लाभदायक माना जाएगा.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण रह सकती है. कार्यक्षेत्र में जिस उपलब्धि की उम्मीद होगी, वो अंतिम समय में रुक सकती है. नौकरीपेशा लोगों को कामकाज में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं. वैवाहिक जीवन में बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी रहेगा. यदि कोई कानूनी मामला पहले से चल रहा है तो उसमें भी कई तरह की जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए गुरु का अस्त होना और शनि का वक्री होना अनुकूल संकेत नहीं माना गया है. इस दौरान कार्यों में रुकावट या कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. परिवार और वैवाहिक जीवन में संतुलित व्यवहार बनाए रखना जरूरी होगा. आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है. धन के लेन-देन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह है. इस अवधि में लंबी दूरी की यात्रा से भी बचने की जरूरत हो सकती है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए जुलाई का महीना अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रह सकता है. शनि के वक्री होने और गुरु के अस्त होने का प्रभाव आत्मविश्वास पर दिखाई दे सकता है. कार्यस्थल पर नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं. इस दौरान किसी बड़े निवेश का फैसला टालना बेहतर रहेगा. स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं. अनावश्यक खर्च बढ़ने से आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. धन के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतना इस समय आवश्यक रहेगा.