Navpancham Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में कर्मफलदाता शनि और देवगुरु बृहस्पति का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 1 सितंबर को शनि और गुरु आपस में 120 डिग्री का कोण बनाकर बेहद शुभ और शक्तिशाली नवपंचम राजयोग का निर्माण करने जा रहे हैं.
वैदिक ज्योतिष में नवपंचम योग को भाग्य, धर्म, धन और उन्नति का कारक माना गया है. जब न्याय के देवता शनि और ज्ञान व समृद्धि के दाता गुरु का यह त्रिकोणीय संबंध बनता है, तो व्यक्ति के जीवन में अटके हुए कार्य गति पकड़ते हैं और अचानक बड़े धन लाभ के मार्ग खुलते हैं. 1 सितंबर से बन रहे इस राजयोग से 3 विशेष राशियों की सोई हुई किस्मत जागने वाली है.
वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि-गुरु का यह नवपंचम राजयोग अत्यंत फलदायी रहेगा. आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे. यदि आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था, तो इस अवधि में वापस मिलने की पूरी संभावना है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाही जगह ट्रांसफर मिल सकता है. व्यापारियों के नए सौदे बड़े मुनाफे का कारण बनेंगे.
मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि वालों के लिए यह राजयोग भाग्य भाव को मजबूती प्रदान करेगा, जिससे आपकी योजनाएं सफल होंगी. काफी समय से रुकी हुई योजनाएं अचानक पूरी होने लगेंगी. विदेश यात्रा या लंबी दूरी की व्यावसायिक यात्राओं से बड़ा लाभ होगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा.
तुला राशि (Libra)
तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और शनि व गुरु का यह संयोजन आपके लिए भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी लाएगा. शेयर बाजार, सट्टा या प्रॉपर्टी के पुराने निवेश से बड़ा फायदा मिल सकता है. नया घर, जमीन या वाहन खरीदने का सपना पूरा हो सकता है. पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी.
शुभ प्रभाव को और बढ़ाने के ज्योतिषीय उपाय
- शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ऊं शं शनैश्चराय नमः का जाप करें.
- बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु को केले और चने की दाल अर्पित करें और माथे पर केसर और हल्दी का तिलक लगाएं.