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Ramayana: 'रामायण' में 'शूर्पणखा के पति' बने विवेक ओबराय! जानें कौन थे विद्युत्जिह्वा, कैसे हुई थी मौत

Ramayana: रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' रिलीज हो चुकी है और इसको लेकर लोगों में गजब का क्रेज देखने को मिला रहा है. इस फिल्म में अभिनेता विवेक ओबेरॉय शूर्पणखा के पति विद्युत जीवा (विद्युत्जिह्वा) की भूमिका में नजर आ रहे हैं. विद्युत्जिह्वा, रामायण के उन किरदारों में से एक है, जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं. तो आइए जानते हैं कि कौन था विद्युत्जिह्वा, जिसको लेकर इतनी चर्चा हो रही है.

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विद्युत्जिह्वा का किरदार फिल्म 'रामायम' में विवेद ओबेरॉय निभा रहे हैं, जो शूर्पणखा के पति थे. (Photo: ITG)
विद्युत्जिह्वा का किरदार फिल्म 'रामायम' में विवेद ओबेरॉय निभा रहे हैं, जो शूर्पणखा के पति थे. (Photo: ITG)

Ramayana: रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण' आज 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म रिलीज के बाद से ही इसके किरदारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. 'रामायण' में रावण, सीता और भगवान राम की कहानी तो हर कोई जानता है, लेकिन इस महाकाव्य से जुड़े कुछ ऐसे किरदार भी हैं, जिनके बारे में बहुत कम चर्चा होती है. ऐसा ही एक नाम है विद्युत्जिह्वा, जिनका किरदार फिल्म में विवेक ओबेरॉय निभा रहे हैं. विद्युत्जिह्वा 'रामायण' की कहानी का एक ऐसा पात्र है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

दिलचस्प बात यह है कि विद्युत्जिह्वा का रिश्ता सीधे रावण के परिवार से था. वह रावण की बहन शूर्पणखा के पति थे. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, उनकी मौत की वजह खुद रावण बना था. आइए जानते हैं आखिर कौन थे विद्युत्जिह्वा, रावण से उनकी दुश्मनी क्यों थी और कैसे उनकी मौत ने शूर्पणखा की जिंदगी बदल दी? चलिए जानते हैं इस किरदार की पूरी कहानी.

कौन थे विद्युत जीवा (विद्युत्जिह्वा), किस वंश से था नाता?
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, विद्युत्जिह्वा एक शक्तिशाली असुर योद्धा थे. उनका संबंध कालकेय असुर वंश से बताया जाता है. कुछ कथाओं में उन्हें कालकेय राजा की सेना का सेनापति बताया गया है. वह एक ताकतवर योद्धा थे और युद्ध लड़ने में माहिर थे.

विद्युत्जिह्वा की पहचान सिर्फ एक योद्धा के तौर पर नहीं थी, बल्कि उनका रावण के परिवार से भी गहरा रिश्ता था. दरअसल, उन्होंने रावण की बहन शूर्पणखा से विवाह किया था. कुछ कथाओं में बताया जाता है कि शूर्पणखा और विद्युत्जिह्वा एक-दूसरे को पसंद करते थे, जिसके बाद उन्होंने गंधर्व विवाह रचा लिया था. हालांकि, रावण अपनी बहन शूर्पणखा की शादी और इस रिश्ते से खुश नहीं था.

शूर्पणखा की शादी से नाराज क्यों था रावण?
कथाओं के अनुसार, रावण को अपनी बहन का विद्युत्जिह्वा से विवाह करना पसंद नहीं था. इसकी वजह दोनों के बीच दुश्मनी और अलग-अलग पक्षों से जुड़ाव बताया जाता है. विद्युत्जिह्वा का संबंध कालकेय असुरों से था, जबकि रावण अपनी ताकत और सत्ता बढ़ाने में लगा हुआ था.

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कुछ मान्यताओं के मुताबिक, रावण और विद्युत्जिह्वा के बीच पहले से ही मतभेद थे. ऐसे में शूर्पणखा का उससे विवाह करना रावण को मंजूर नहीं था. हालांकि, अलग-अलग रामायण संस्करणों और लोककथाओं में इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग बातें मिलती हैं.

कैसे हुई थी विद्युत्जिह्वा की मौत? रावण बना था वजह
विद्युत्जिह्वा की मौत से जुड़ी कहानी काफी दिलचस्प है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, एक बार रावण विश्वविजय अभियान पर निकला था. वह अलग-अलग राज्यों और लोकों को जीतते हुए अपनी ताकत बढ़ा रहा था. इसी दौरान उसका सामना विद्युत्जिह्वा से हुआ.

कहा जाता है कि रावण ने विद्युत्जिह्वा को अपने साथ आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने उसका साथ देने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया. इस लड़ाई में विद्युत्जिह्वा की मौत हो गई.

जब शूर्पणखा को अपने पति की मौत की खबर मिली, तो वह टूट गई. उसे इस बात का गहरा सदमा लगा और बहुत दुख था कि उसके अपने भाई रावण की वजह से उसका सुहाग उजड़ गया. इसके बाद उसके मन में रावण के लिए प्यार और सम्मान की जगह गुस्से और नफरत ने ले ली.

पति की मौत का बदला लेना चाहती थी शूर्पणखा?
कुछ लोककथाओं में शूर्पणखा के मन में रावण के खिलाफ बदले की भावना को उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी चोट बताया गया है. वह अपने पति की मौत के लिए रावण को जिम्मेदार मानती थी. हालांकि, वह जानती थी कि रावण से सीधे मुकाबला करना आसान नहीं है.

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ऐसे में जब उसे भगवान राम के पराक्रम के बारे में पता चला, तो उसे लगा कि श्रीराम ही रावण को चुनौती दे सकते हैं. इसी वजह से कुछ मान्यताओं में शूर्पणखा के राम और लक्ष्मण से मिलने की घटना को उसके मन में पल रही बदले की भावना से भी जोड़कर देखा जाता है.

शूर्पणखा की नाक कटने से कैसे शुरू हुई सीता हरण की कहानी?
रामायण की एक कथा बहुत प्रचलित है उसके मुताबिक, शूर्पणखा एक दिन पंचवटी के जंगल में पहुंची थी. वहां उसकी मुलाकात भगवान राम से हुई. वह उनके रूप और व्यक्तित्व से प्रभावित हो गई और उनसे विवाह करने की इच्छा जताई. लेकिन भगवान राम ने खुद को माता सीता के प्रति समर्पित बताते हुए उसे लक्ष्मण के पास भेज दिया.

लक्ष्मण ने भी उसकी बात स्वीकार नहीं की. इससे शूर्पणखा गुस्से में आ गई और उसने माता सीता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. तभी लक्ष्मण ने उसे रोकते हुए उसकी नाक काट दी. इस घटना के बाद शूर्पणखा को बहुत अपमानित महसूस हुआ और वह गुस्से में भरीं रावण के पास पहुंचीं. उन्होंने रावण को भड़काया और माता सीता का हरण करने के लिए भी उकसाया. रावण ने सीता का हरण कर लिया. इसके बाद भगवान राम और रावण के बीच युद्ध हुआ, जिसमें रावण का अंत हो गया.

क्या विद्युत्जिह्वा की मौत बनी थी रावण के अंत की वजह?
रामायण की मुख्य कथा में रावण के अंत की वजह माता सीता का हरण और भगवान राम के साथ हुआ युद्ध है. हालांकि, कुछ लोकमान्यताओं में विद्युत्जिह्वा की मौत को भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा जाता है.

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इन कथाओं के मुताबिक, शूर्पणखा के मन में अपने पति की मौत को लेकर जो गुस्सा था, उसने उसे रावण के खिलाफ खड़ा कर दिया था. इसी वजह से वह भगवान राम और रावण के बीच टकराव की एक अहम कड़ी बनी. हालांकि, यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि विद्युत्जिह्वा की मौत और शूर्पणखा के बदले वाली कहानी रामायण के सभी संस्करणों में एक जैसी नहीं मिलती.

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