scorecardresearch
 

Ramayana: सीता स्वयंवर में श्रीराम के हाथों कैसे टूटा था भगवान शिव का धनुष? कहां गिरे थे इसके टुकड़े, जानें पूरी कहानी

Ramayana: अयोध्या की गलियों से लेकर श्रीराम के योद्धा रूप और माता सीता के साथ प्रेम कहानी को समेटे फिल्म 'रामायण' का गाना 'जय जय राम' रिलीज होते ही वायरल हो गया है. जानें गाने में दिखाए गए माता सीता के स्वयंवर के पीछे की पौराणिक कथा.

Advertisement
X
रामायण फिल्म में श्रीराम पिनाक धनुष उठाते नजर आ रहे हैं (Photo: ITG)
रामायण फिल्म में श्रीराम पिनाक धनुष उठाते नजर आ रहे हैं (Photo: ITG)

Ramayana: नितेश तिवारी की डायरेक्टेड फिल्म रामायण का पहला गाना 'जय जय राम' रिलीज हो चुका है. यह सॉन्ग गणेश चतुर्थी के दिव्य अवसर पर रिलीज किया गया. रिलीज होते ही यह गाना लोगों को खूब पसंद आया. इस सॉन्ग में श्रीराम-माता सीता की प्रेम कहानी, श्रीराम माता सीता का विवाह, अयोध्या की गलियां और श्रीराम का योद्धा रूप, ये सभी सुंदर दृश्य दिखाए गए हैं. 

वहीं, गाने के बीच में एक सीन और है जिसमें श्रीराम (रणबीर कपूर) माता सीता (साई पल्लवी) के स्वयंवर में धनुष उठाते नजर आ रहे हैं. यह रामायण के सीता स्वयंवर का वही दिव्य प्रसंग है, जिसको आजतक लोग याद करते हैं. तो आइए जानते हैं कि क्यों माता सीता के स्वयंवर में श्रीराम ने भगवान शिव का धनुष पिनाक तोड़ा था. 

जब श्रीराम ने तोड़ा था पिनाक धनुष

सीता स्वयंवर रामायण की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जाता है. इस स्वयंवर में भगवान शिव का शक्तिशाली धनुष 'पिनाक' सबसे खास था. दरअसल, मिथिला के राजा जनक ने अपनी बेटी सीता के स्वयंवर का आयोजन किया था. उन्होंने शर्त रखी कि जो भी भगवान शिव के दिव्य धनुष पिनाक पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा. यह धनुष भगवान शिव का दिया हुआ था और बहुत विशाल होने के साथ-साथ दिव्य शक्तियों से संपन्न माना जाता था.

Advertisement

स्वयंवर के दौरान कई शक्तिशाली राजा और योद्धा इस धनुष को नहीं उठा पाए थे. कोई भी उस धनुष पर प्रत्यंचा नहीं चढ़ा सका था. इसके बाद भगवान राम ने आसानी से इस धनुष को उठा लिया था और प्रत्यंचा चढ़ाते समय उनसे धनुष टूट गया था. इस घटना को भगवान राम की असाधारण शक्ति और उनके दिव्य उद्देश्य का संकेत माना जाता है.

रामायण फिल्म (Photo: ITG)

रामचरितमानस में मिलता है श्रीराम से धनुष टूटने का वर्णन

लेत चढ़वत खंचत गाढ़ें।
काहुं न लाखा देख सबु ठाढ़ें।
तेहि छन राम मध्य धनु तोरा।
एकांत भुवन धुनसि घोर कठोरा।

अर्थ- रामचरितमानस के मुताबिक, श्रीराम ने धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने लगे. जैसे ही उन्होंने धनुष को खींचा, वह टूट गया. इस घटना से उनकी अद्भुत शक्ति और कौशल का परिचय मिला. वहां मौजूद सभी लोग अचंभित रह गए थे क्योंकि वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हो रहा है. श्रीराम की सहजता, फुर्ती और अद्भुत कौशल देखकर सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए थे. ठीक उसी समय, खतरनाक गर्जना के साथ धनुष 3 टुकड़ों में टूट गया था, जो श्रीराम की विजय का प्रतीक माता गया था. धनुष टूटने की तेज आवाज पूरी सभा में गूंज उठी थी. यह क्षण इतना अद्भुत था कि वह सीता स्वयंवर की सबसे यादगार घटनाओं में शामिल हो गया था.

Advertisement

धनुष तोड़ने का महत्व

राम की दिव्य शक्ति
श्लोक के अनुसार, श्रीराम की दिव्य शक्ति को उजागर करता है. जहां महान राजा और योद्धा धनुष को उठा तक नहीं सके, वहीं श्रीराम ने अपनी विनम्रता से उसे तोड़ दिया था. यह कार्य केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि उनकी दिव्यता का भी प्रमाण था.

धनुष टूटने का प्रतीक
पिनाक धनुष का टूटना अहंकार, अभिमान और बाधाओं के चकनाचूर होने का प्रतीक माना जाता है. यह धर्म (सदाचार) और ईश्वर की इच्छा की परम विजय का संकेत देता है.

श्रद्धा का प्रतीक
इस घटना ने श्रीराम और माता सीता के दिव्य मिलन को भी पुख्ता किया था, जो ब्रह्मांड में पुरुष और स्त्री ऊर्जाओं के संतुलन का प्रतीक है.

टूटा हुआ धनुष कहां कहां गिरा था?

मिथिला क्षेत्र की स्थानीय किवदंतियों के अनुसार, माता सीता के स्वयंवर के दौरान जब भगवान राम ने भगवान शिव के दिव्य धनुष पिनाक को तोड़ा, तो वह तीन टुकड़ों में बिखर गया था-

- एक टुकड़ा आकाश की ओर उड़ गया था.
- एक अन्य पाताल लोक में गिरा था.
- तीसरा पृथ्वी पर गिरा था.

माना जाता है कि पृथ्वी पर गिरा धनुष का टुकड़ा नेपाल के जनकपुरधाम (जनकपुर) से लगभग 18 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित धनुषधाम में गिरा था. इस स्थल का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है और कहा जाता है कि धनुष का एक टुकड़ा वहां मौजूद है. श्रद्धालु धनुषधाम जाकर इस पवित्र टुकड़े को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, विशेष रूप से मकर मेला उत्सव के दौरान, जो माघ (जनवरी और फरवरी) महीने के प्रत्येक रविवार को होता है. यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है और नेपाल और भारत से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement