
14 सितंबर से गणेश महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है. इस साल गणपति महोत्सव 14 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक चलेगा. देश के सभी छोटे-बड़े पंडालों में गणपति जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा चुकी हैं. मुंबई के गणेश पंडालों पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं की नजर टिकी है. देश के सबसे अमीर गणपति का पंडाल भी मायानगरी मुंबई में ही सजा है. मुंबई के किंग्स सर्किल के GSB सेवा मंडल की गिनती देश के सबसे अमीर गणपति पंडालों में होती है.
इस साल GSB के महागणपति 66 किलो से ज्यादा सोने और 335 किलो चांदी व कीमती रत्नों से सजाए गए हैं. इतना ही नहीं, इस भव्य गणेश पंडाल को 703 करोड़ 27 लाख रुपये का रिकॉर्ड इंश्योरेंस कवर भी दिया गया है. यह इंश्योरेंस गहने, साजो-सामान और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है. लेकिन GSB महागणपति की पहचान सिर्फ सोने और चांदी की चमक नहीं है, बल्कि यहां की वैदिक परंपरा, पूजा, सेवा और हर दिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए होने वाला अन्नदान इसकी सबसे बड़ी पहचान है.

रविवार को GSB सेवा मंडल के महागणपति का प्रथम मुखदर्शन हुआ. गणेशोत्सव से पहले भगवान गणपति की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. सोने-चांदी के आभूषणों और कीमती रत्नों से सजे महागणपति के दिव्य स्वरूप ने भक्तों का मन मोह लिया. आगे भी इस भव्य पंडाल में बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है. सोने-चांदी और कीमती जेवरात से सजे गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेने यहां न सिर्फ मुंबई, बल्कि दूसरे शहरों और राज्यों से भी लोग पहुंच सकते हैं.
श्रद्धालुओं के लिए भोजन व अन्नदान की व्यवस्था
GSB गणपति उत्सव की पहचान सिर्फ इसके भव्य और समृद्ध स्वरूप से नहीं, बल्कि सेवा भावना से भी जुड़ी है. उन्होंने बताया कि मंडल की ओर से FDA के सभी नियमों और गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन किया जाएगा. अमित पाई ने दान और अन्नदान की परंपरा पर भी विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सेवा और जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाना मंडल की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है. गणेश महोत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन आदि की व्यवस्था भी की जाती है.