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Diwali 2026: घर के इन 6 कोनों में जरूर जलाएं दीपक, पूरे साल धन बरसाएंगी महालक्ष्मी

दीपावली पर मां लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं के आगमन के लिए घर को प्राकृतिक रूप से सजाना और स्वच्छ रखना शुभ होता है. इस दिन घर के चूल्हे पर कढ़ाई चढ़ाकर पकवान और मिठाई बनाना शुभ होता है. इसलिए बाजार से मिठाई ऑर्डर करने की जगह घर में ही तरह-तरह के पकवान बनाने और घर को प्राकृतिक रूप से सजाने का संकल्प लें.

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इस साल दिवाली का त्योहार 8 नवंबर को मनाया जाएगा. (Photo: ITG)
इस साल दिवाली का त्योहार 8 नवंबर को मनाया जाएगा. (Photo: ITG)

दीपावली केवल दीप जलाने और मां लक्ष्मी के पूजन का ही पर्व नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा को शुद्ध और सकारात्मक बनाने का अवसर भी है. दीपावली पर मां लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं के आगमन के लिए घर को प्राकृतिक रूप से सजाना और स्वच्छ रखना शुभ होता है. ऐसे में पूजन और सजावट में आर्टिफिशियल वस्तुओं के बजाय मिट्टी, फूल, पत्तियों, हल्दी, रोली और अन्य प्राकृतिक चीजों का प्रयोग करना बेहतर माना जाता है. इससे घर और देवस्थान का वातावरण भी सात्विक और खुशनुमा बना रहता है.

1. इन 6 कोनों में जरूर जलाएं दीपक
दिवाली पर घर के पांच खास कोनों में दीपक जरूर जलाएं. इसके लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व), अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व), ब्रह्म स्थान, मुख्य द्वार, धन की तिजोरी और जहां पानी की व्यवस्था है, वहां दीपक जरूर जलाएं. मान्यता है कि इन कोनों पर दीया जलाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और गरीबी, दरिद्रता दूर होती है.

2. मोमबत्ती के बजाय मिट्टी के दीपक जलाएं
दीपावली पर रोशनी के लिए मोमबत्तियों के स्थान पर मिट्टी के दीपक प्रज्ज्वलित करें. विशेषकर पूजा स्थल और मंदिर में मिट्टी के दीपक ही जलाना शुभ माना जाता है. वास्तु में दीपक को अग्नि तत्व का प्रतीक माना गया है. मिट्टी का दीपक पृथ्वी और अग्नि तत्व का सुंदर संगम है. इसलिए दीपोत्सव पर पारंपरिक दीपकों का प्रयोग धार्मिक और प्राकृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है.

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3. फूलों और आम-अशोक के पत्तों से करें सजावट
घर के मुख्य द्वार, मंदिर और पूजा स्थल को सजाने के लिए ताजे फूलों तथा आम और अशोक के पत्तों का प्रयोग करें. प्लास्टिक की फूल-मालाओं और कृत्रिम बंदनवार के बजाय प्राकृतिक पत्तों और फूलों से बना तोरण लगाना शुभ माना जाता है. इससे घर की सजावट में ताजगी और पारंपरिक सुंदरता आती है. प्राकृतिक फूलों की सुगंध वातावरण को भी खुशनुमा बनाती है.

4. हल्दी-रोली से बनाएं स्वास्तिक और शुभ-लाभ
मुख्य द्वार पर प्लास्टिक या कृत्रिम स्टिकर से स्वास्तिक और शुभ-लाभ लगाने के बजाय हल्दी और रोली से इन्हें बनाएं. स्वास्तिक को मंगल, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. वहीं शुभ-लाभ लिखने की परंपरा घर में सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ी है. प्राकृतिक रंगों से बनाए गए ये धार्मिक चिह्न दीपावली की पारंपरिक भावना को भी बनाए रखते हैं.

5. घर में बनी मिठाई का लगाएं भोग
दीपावली पूजन में बाजार की मिठाइयों के बजाय घर में बनी शुद्ध मिठाई का भोग लगाना अच्छा माना जाता है. इससे घर की रसोई में भी त्योहार के अवसर पर शुभ कार्य होता है और मां लक्ष्मी को अपने घर में तैयार किए गए पकवानों का भोग अर्पित किया जाता है. मेहमानों और उपहार के लिए बाजार की मिठाइयों का उपयोग किया जा सकता है.

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