बांग्लादेश के खुलना में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की (पेंटिंग) म्यूरल को अज्ञात लोगों ने काली स्याही से खराब कर दिया. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, शुक्रवार सुबह लोगों ने म्यूरल को खराब हालत में देखा. घटना के बाद इसकी आलोचना हो रही है.
टैगोर की यह पेंटिंग खुलना रेलवे स्टेशन की बाहरी दीवार पर बनाई गई है. इसी दीवार पर कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की तस्वीरें भी हैं. इनमें फकीर लालन शाह, चित्रकार एसएम सुल्तान, काजी नजरुल इस्लाम, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और माइकल मधुसूदन दत्ता शामिल हैं. इनकी म्यूरल को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
इस दीवार पर जुलाई विद्रोह, सुंदरबन, सिक्स्टी डोम मस्जिद और जूट उद्योग से जुड़ी तस्वीरें भी बनाई गई हैं. खुलना सिटी कॉरपोरेशन (KCC) ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के खुलना दौरे से पहले इस कलाकृति को बनवाया था.
पुलिस ने शुरू की जांच
खुलना सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी लोकमान हुसैन ने बताया कि पुलिस को शुक्रवार दोपहर घटना की जानकारी मिली. इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सड़क के दूसरी तरफ मौजूद सभी दुकानें बंद थीं, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि पेंटिंग को किसने और कब खराब किया.
म्यूरल के पास लगाए गए दो पोस्टर
टैगोर की पेंटिंग के पास दो पोस्टर भी लगाए गए थे. इनमें से एक पोस्टर में टैगोर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी. पोस्टर में कहा गया था कि तितुमीर के बंगाल में टैगोर के लिए कोई जगह नहीं है और भारत का महिमामंडन नहीं होना चाहिए.
KCC प्रशासक ने जताई नाराजगी
खुलना सिटी कॉरपोरेशन के प्रशासक नजरुल इस्लाम मंजू ने घटना पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों का मकसद बच्चों और किशोरों में स्वतंत्र सोच को बढ़ावा देना था. उन्होंने पेंटिंग खराब करने वालों के रवैये की आलोचना की.
सांस्कृतिक कार्यकर्ता ने बताया संगठित समूह का काम
सांस्कृतिक कार्यकर्ता और नाट्यलोक के महासचिव शरीफुल इस्लाम सलीम ने इसे किसी संगठित समूह की करतूत बताया. उन्होंने कहा कि ढाका में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं. उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सलीम ने कहा कि टैगोर के साहित्य और विचारों ने कई पीढ़ियों को स्वतंत्र सोच, धर्मनिरपेक्षता और इंसानी सम्मान की ओर प्रेरित किया है.
अक्टूबर में ढाका में भी हुई थी ऐसी घटना
इससे पहले अक्टूबर में ढाका में भी टैगोर की पेंटिंग को खराब किया गया था. उस मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था. इनमें स्टेट डायलॉग फोरम के सदस्य सचिव अल नूर मोहम्मद अयाश भी शामिल थे.