scorecardresearch
 

Diwali 2026 Date: 8 या 9 नवंबर, दिवाली कब है? जानें सही तारीख और लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:28 बजे शुरू होगी. इस तिथि का समापन 9 नवंबर को दोपहर 12:32 बजे होगा. उदया तिथि और प्रदोष काल को ध्यान में रखते हुए दिवाली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा.

Advertisement
X
दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है. (Photo: ITG)
दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है. (Photo: ITG)

दिवाली हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. रोशनी, खुशहाली और समृद्धि का यह पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे. तब नगर वासियों ने पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया था. तभी से दिवाली का शुभ त्योहार मनाने की परंपरा चली आ रही है. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है. मान्यता है कि दीपावली की दिव्य रात जो लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं, उनके घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती है. हालांकि इस बार दिवाली की तरीख को लेकर बहुत कन्फ्यूजन है. कोई 8 नवंबर तो कोई 9 नवंबर को दिवाली बता रहा है. आइए सही तिथि जानते हैं.

दिवाली 2026 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:28 बजे शुरू होगी. इस तिथि का समापन 9 नवंबर को दोपहर 12:32 बजे होगा. उदया तिथि और प्रदोष काल को ध्यान में रखते हुए दिवाली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा.

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक
प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक
निशिता काल मुहूर्त: रात 11:44 बजे से रात 12:36 बजे तक

दिवाली पूजा की सामग्री
दिवाली की रात पूजा से पहले सभी जरूरी सामग्री तैयार कर लें. इसमें लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, पूजा की चौकी, लाल कपड़ा, रोली, कुमकुम, चंदन और अक्षत रखें. इसके अलावा पान, सुपारी, पंचामृत, नारियल, गंगाजल, कलश, आम के पत्ते, मौली और जनेऊ की जरूरत होगी. पूजा के लिए फूल, फल, दूर्वा, धूप, कपूर, दीपक और रुई की बत्ती भी रखें. खील, बताशे और मिठाई भी पूजा में अर्पित की जाती है.

Advertisement

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि
दिवाली की शाम सबसे पहले पूजा की चौकी तैयार करें. उस पर लाल कपड़ा बिछाएं और रोली से स्वास्तिक बनाएं. पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें. पूजा के दौरान पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. इसके बाद चौकी पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें. चौकी के बगल में कलश की स्थापना करें. कलश में जल के अलावा सुपारी, सिक्का, हल्दी की गांठ आदि जरूर डालें. फिर एक अखंड दीपक प्रज्वलित करें. 

अब भगवान गणेश और माता लक्ष्मी को गंगाजल से स्नान कराएं. फिर चंदन, अक्षत, फूल, पान और फल अर्पित करें. खील, बताशे और मिठाई का भोग लगाएं. इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें. विधि-विधान से पूजा पूरी करें. अंत में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें. परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement