Chaitra Navratri 2026: इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से होगी और समापन 27 मार्च को होगा. हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को बहुत पवित्र पर्व माना जाता है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त व्रत रखकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान केवल पूजा ही नहीं, बल्कि आचरण, खानपान और दिनचर्या में भी पवित्रता और अनुशासन बनाए रखना चाहिए. इसलिए, इस समय कुछ ऐसी गलतियों से बचने की सलाह दी जाती है, जो व्रत और पूजा के नियमों के खिलाफ मानी जाती हैं.
तामसिक भोजन से दूर रहें
नवरात्र के दौरान मांस, शराब, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. इन दिनों सात्विक भोजन करने से मन शांत और सकारात्मक बना रहता है.
क्रोध और विवाद से बचें
नवरात्र केवल शरीर की नहीं बल्कि मन की शुद्धि का भी समय होता है. इसलिए इन दिनों गुस्सा करना, झगड़ा करना या किसी को कठोर शब्द कहना शुभ नहीं माना जाता है.
बाल और दाढ़ी कटवाने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग नवरात्र का व्रत रखते हैं, उन्हें इन दिनों बाल, दाढ़ी या मूंछ कटवाने से बचना चाहिए. इसे व्रत के नियमों के खिलाफ माना जाता है.
नाखून काटने से बचें
नवरात्र के नौ दिनों में नाखून काटना भी अच्छा नहीं माना जाता है. मान्यता है कि इस समय शरीर से जुड़ी ऐसी गतिविधियों से दूरी रखनी चाहिए.
नशे का सेवन न करें
व्रत के दौरान तंबाकू या किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए. ऐसा करना व्रत की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है.
पाठ के समय ध्यान बनाए रखें
यदि आप दुर्गा चालीसा, मंत्र या दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं, तो बीच में उठना या बातचीत करना उचित नहीं माना जाता है. पूरे मन और श्रद्धा के साथ पाठ करना बेहतर माना जाता है.
घर को खाली न छोड़ें
अगर घर में नवरात्र के दौरान अखंड ज्योति जलाई गई है, तो घर को खाली छोड़कर बाहर नहीं जाना चाहिए. माना जाता है कि इससे पूजा अधूरी मानी जाती है.