उद्योगपति हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) सोशल मीडिया पर अक्सर मजेदार विचार रखते रहते हैं. फिलहाल उन्होंने 'X' पर एक ऐसा फॉर्मूला दिया है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. उनका कहना है कि जो इस फॉर्मूले को अपनाकर आगे बढ़ेगा, उसे कामयाबी जरूर मिलेगी.
दरअसल, उद्योगपति ने इसे '3-30-300 रूल ऑफ लाइफ' नाम दिया है. गोयनका के अनुसार यह नियम तय करता है कि कोई व्यक्ति अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छुएगा या असफल रहेगा.
क्या है 3-30-300 का नियम?
हर्ष गोयनका ने अपने ट्वीट में लिखा है कि जीवन में तीन कैटेगरी के इंसान लोगों को लक्ष्य तक पहुंचाता है. सबसे पहले आपके तीन करीबी लोग आपकी पहचान तय करते हैं. आप वास्तव में क्या और कैसे इंसान बनेंगे? ये वे लोग होते हैं जो आपके बेहद करीब होते हैं, जैसे माता-पिता, जीवनसाथी या सबसे पक्के दोस्त.
30 लोग आपकी सोच को बढ़ाते हैं: अगले 30 लोग आपके विचारों के दायरे को बढ़ाते हैं. इसमें आपके दोस्त, सहकर्मी और गुरु शामिल हो सकते हैं. ये लोग आपकी सोच, आदतों और नजरिए को प्रभावित करते हैं. अगर यह ग्रुप सकारात्मक है, तो आपकी सोच भी रचनात्मक और आगे बढ़ने वाली होगी.
300 लोग नेटवर्क मजबूत करते हैं: अंतिम 300 लोग आपकी बिजनेस को बढ़ाने में नेटवर्क मजबूत करते हैं, और करियर या बिजनेस में आपके लिए नए अवसरों के दरवाजे खोलते हैं. अंत में गोयनका ने एक खास सलाह दी है, इसलिए अपने सर्कल को बहुत समझदारी से चुनें.
हर्ष गोयनका का मानना है कि हर किसी की जिंदगी में संगत का बहुत बड़ा असर होता है. जिस तरह के संगत में आप रहेंगे, वैसी ही कामयाबी मिलेगी. कुछ दिन पहले उद्योगपति ने लिखा था, 'अगर आप पूरे दिन किसी मछली बाजार में बिताएंगे, तो आपके भीतर से मछली की दुर्गंध आने लगेगी, भले ही आपने मछली को छुआ भी न हो. वहीं अगर आप कुछ समय इत्र की दुकान में बिताते हैं, तो वहां से निकलने के बाद भी आपके कपड़ों से खुशबू आती रहेगी.'
ठीक इसी तरह असल जिंदगी में भी अगर आप हर समय शिकायत करने वाले और नकारात्मक लोगों के बीच घिरे रहेंगे, तो आपको हर जगह सिर्फ समस्याएं और कमियां ही नजर आएंगी. वहीं, अगर आप सकारात्मक और सही सोच वाले लोगों के साथ उठेंगे-बैठेंगे, तो आपको हर विपरीत परिस्थिति में भी आगे बढ़ने के नए अवसर दिखाई देंगे.
गोयनका की इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. एक यूजर ने कमेंट में लिखा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, यह समझ आता है कि शुरुआती 3 लोग ही बाकी के 330 लोगों तक पहुंचने का रास्ता तय करते हैं. वहीं एक अन्य यूजर कहा, 300 लोगों का मजबूत और काम का नेटवर्क बनाना भले ही मुश्किल है, लेकिन जो इसे बना लेता है, उसके करियर की राह आसान हो जाती है.