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बारिश का कहर! नासिक में 300 से ज्यादा छात्रों का यूनिवर्सिटी एग्जाम छूटा, अब की ये मांग

महाराष्ट्र के नासिक में भारी मानसूनी बारिश और एक कंस्ट्रक्शन साइट पर जमीन धंसने के कारण नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड पर भीषण ट्रैफिक जाम लग गया. इस वजह से 300 से अधिक छात्र अपनी यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के लिए समय पर नहीं पहुंच सके. इंजीनियरिंग और फार्मेसी के कई छात्रों की परीक्षाएं छूट गईं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में निराशा और आक्रोश फैल गया.

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छात्र कर रहे फिर से एग्जाम कराने की मांग
छात्र कर रहे फिर से एग्जाम कराने की मांग

महाराष्ट्र के नासिक में भारी मानसूनी बारिश और एक कंस्ट्रक्शन साइट पर जमीन धंसने के कारण बड़ा हादसा और ट्रैफिक जाम देखने को मिला है. इस प्राकृतिक आफत का सबसे बुरा असर उन छात्रों पर पड़ा है, जो अपनी यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के लिए घर से निकले थे. नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड पर लगे भीषण जाम के कारण 300 से अधिक छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके, जिससे उनकी महत्वपूर्ण परीक्षाएं छूट गईं.

सुबह 8 बजे से जाम में फंसे रहे छात्र
मिली जानकारी के मुताबिक, संदीप फाउंडेशन कॉलेज, ब्रह्मा वैली और सपकाल कॉलेज सहित कई अन्य संस्थानों के छात्र बुधवार सुबह 10 बजे होने वाली अपनी परीक्षाओं के लिए निकले थे. लेकिन लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जमीन धंसने के कारण नासिक और त्र्यंबकेश्वर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह ब्लॉक हो गई. छात्र सुबह 8 बजे से ही इस महाजाम में फंस गए और चाहकर भी परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाए.

इंजीनियरिंग और फार्मेसी के छात्रों पर पड़ी मार
इस ट्रैफिक अराजकता की सबसे बड़ी मार फर्स्ट और सेकंड ईयर के इंजीनियरिंग छात्रों और सेकंड व थर्ड ईयर के फार्मेसी छात्रों पर पड़ी है. करीब चार बड़े कॉलेजों के छात्र घंटों तक गाड़ियों में फंसे रहे, जिसके चलते उनके बुधवार को होने वाले दोनों निर्धारित पेपर्स छूट गए. परीक्षा छूटने के बाद छात्रों और उनके पैरेंट्स के बीच भारी निराशा और आक्रोश देखने को मिल रहा है.

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छात्रों ने की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग
परीक्षा से वंचित रह गए छात्रों ने अब यूनिवर्सिटी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से गुहार लगाई है. छात्रों का तर्क है कि मौसम का बिगड़ना और रास्ते का बंद होना पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर था. ऐसे में उन्होंने बुधवार को हुए दोनों पेपर्स को रद्द करने और उनके लिए नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की मांग की है.

फिलहाल, इस पूरे मामले पर यूनिवर्सिटी प्रशासन या स्थानीय अधिकारियों की तरफ से परीक्षा दोबारा कराने या शेड्यूल बदलने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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