नवरात्रि (Navratri) एक हिंदू त्योहार है जो नौ रातों तक चलता है और हर साल चैत्र और शरद ऋतु के मौसम में मनाया जाता है. यह भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है.
सैद्धांतिक रूप से, चार मौसमी नवरात्रि होते हैं, जिसमें दो गुप्त नवरात्रि (Gupta Navratri) और एक चैत्र (Chaitra Navratri) और शरद ऋतु में आता है (Sharad Navratri). पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि अप्रैल के महीने में मनाया जाता है. चैत्र नवरात्रि का समापन रामनवमी के दिन होता है (Ram Navami).
नवरात्रि शब्द का संस्कृत में अर्थ है 'नौ रातें', नव का अर्थ नौ और रत्रि का अर्थ है रातें. भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में, दुर्गा पूजा नवरात्रि का पर्याय है, जिसमें देवी दुर्गा युद्ध करती हैं और धर्म को बहाल करने में मदद करने के लिए राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्त करती हैं. दक्षिणी राज्यों में, दुर्गा या काली की जीत का जश्न मनाया जाता है और मां दुर्गा की शक्ति की आराधना की जाती है. देवी दुर्गा के नौ रूपों- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुशमाण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है (Navdurga).
पूजा के दैरान कन्याओं को भोजन कराने की भी प्रथा है जिसे लोग बहुत ही श्रद्धा से पूरा करते हैं. नवारात्रि में कुछ लोग नौ दिनों का उपवास रखते हैं (Fast on Navratri).
हनुमान जयंती पर घर लाएं ये पवित्र चीजें, तरक्की और सुख-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते. हनुमान जयंती इस साल 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीना नई शुरुआत, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसी दौरान नवरात्रि, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं. ये दिन लार्ड हनुमान को समर्पित होता है
पंचमुखी हनुमान भगवान हनुमान का दुर्लभ और शक्तिशाली स्वरूप है, जिसमें उनके पांच मुख होते हैं. यह रूप महिरावण और अहिरावण का वध करने के लिए प्रकट हुआ था. पंचमुखी हनुमान के पांच मुख भक्ति, शक्ति, भय नाश, धन-समृद्धि और विद्या के प्रतीक हैं.
भगवान श्रीराम का जन्म केवल एक कारण से नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे कई शाप और वरदान थे जो रामचरित मानस में तुलसीदास द्वारा संक्षेप में बताए गए हैं। जय-विजय के शाप से लेकर ऋषि कश्यप और अदिति के वरदान तक, सभी ने श्रीराम के अवतार को संभव बनाया.
नवरात्रि के दौरान इस बार कंजक पूजन का तरीका बदलता नजर आया, जहां पारंपरिक हलवा-पूरी की जगह मैगी, बर्गर और आइसक्रीम जैसे फास्ट फूड का भोग लगाया गया. इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
भगवान श्रीराम के पास केवल धनुष और तीर ही नहीं थे, बल्कि उन्हें महर्षि विश्वामित्र, अगस्त्य और परशुराम जैसे गुरुजनों से कई दिव्य अस्त्र और शस्त्र प्राप्त हुए थे. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, श्रीराम को बला, अतिबला, ब्रह्मास्त्र, त्रिशूल, वज्र, नारायण अस्त्र, मदन अस्त्र, और कई अन्य दिव्य हथियार मिले थे.
आज नवरात्र के आखिरी दिन यानी नवमी पर कन्या पूजन की थाली में काले चने, सूजी का हलवा, आलू की भाजी और गरमा-गरम पूरियां सबसे मुख्य होती हैं. लेकिन सुबह-सुबह सबकुछ बनाना काफी मुश्किल होता है. अगर आपने अभी तक थाली तैयार नहीं की है तो यहां हम आपको कम समय में पूरी थाली तैयार करने का तरीका बता रहे हैं.
आज पूरे देश में रामनवमी का पर्व मनाया जा रहा है. चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि को बहुत खास माना जाता है. इस दिन को महानवमी के साथ-साथ रामनवमी के रूप में भी मनाया जाता है. आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि आज श्रीराम की पूजा कैसे करें? साथ ही उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफल पर चर्चा की.
नवरात्रि के अंतिम दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा के साथ कन्या पूजन की परंपरा होती है, जिसमें लांगुर नामक बालक को भी शामिल किया जाता है. यह लांगुर हनुमान जी या हनु भैरव का रूप माना जाता है, जो देवी की रक्षा करते हैं.
Chaitra Navratri 2026 Navami Kanya Pujan Muhurat: चैत्र नवरात्र की महानवमी का विशेष महत्व होता है. इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा और कन्या पूजन करना बहुत ही महत्वपूर्ण कहलाता है क्योंकि इनके बिना नवरात्र का पारण नहीं होता है. तो आइए जानते हैं कि क्या रहेगा कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, सही समय और पूजा विधि, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और शुभ फल प्राप्त हो सकता है.
नवरात्रि के पावन पर्व का समापन मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ होता है. इस दिन मां को अलग-अलग प्रकार के व्यंजन भोग में चढ़ाए जाते हैं. ऐसे में इस खास अवसर के लिए यहां हम आपको केसरिया खीर की रेसिपी बता रहे हैं.
नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाले भंडारों पर इस बार गैस संकट का असर साफ दिखाई दे रहा है. भंडारा आयोजकों ने प्रशासन से पर्याप्त संख्या में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को भोजन वितरण में कोई बाधा न आए. आयोजकों का कहना है कि सिलेंडर की कमी के कारण तैयारियों में दिक्कत आ रही है और समय पर भोजन बनाना मुश्किल हो सकता है.
देवी प्रत्यंगिरा, जिन्हें निकुंभला और नारसिंही भी कहा जाता है, नवरात्र की देवी परंपरा में एक शक्तिशाली और भयानक स्वरूप हैं. रावण और मेघनाद उनकी पूजा करते थे, और यह देवी विष्णु, शिव और दुर्गा का एकीकृत रूप मानी जाती हैं.
नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन देवी महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो देवी पार्वती के स्वरूप हैं. महागौरी सुहाग और दांपत्य जीवन में सुख-शांति का वरदान देती हैं. इस पूजा में महिलाओं का विशेष योगदान होता है, जो अपनी सास के माध्यम से देवी का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं.
नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा विशेष महत्व रखती है, जो देवी सरस्वती का एक रूप हैं. इस दिन लौंग से जुड़े उपाय राहु ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। राहु के कारण सिरदर्द, माइग्रेन, लिवर रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं होती हैं.
Durga Ashtami 2026 kanya Pujan Muhurat: चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी आज मनाई जा रही है. अगर आप पहला कन्या पूजन मुहूर्त मिस कर चुके हैं, तो जानिए दूसरा शुभ समय, अभिजीत मुहूर्त, मां महागौरी की पूजा विधि और प्रसाद से जुड़ी जरूरी बातें.
चैत्र नवरात्रि का आज आठवां दिन है. भक्त आज दुर्गा अष्टमी मना रहे हैं. मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ दिख रही है. आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि कैसे आज मां गौरी की पूजा कैसे करें? साथ ही उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफल पर चर्चा की.
Durga Ashtami 2026 Rashifal: चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर मां महागौरी की विशेष कृपा कुछ राशियों पर बरसने वाली है. ज्योतिष के अनुसार कुछ जातकों को करियर में नए मौके, सम्मान और सफलता मिल सकती है. जानें किन लोगों के लिए यह अष्टमी सबसे ज्यादा शुभ साबित हो सकती है.
इस बार लोग राम नवमी की तिथि को लेकर काफी ज्यादा असमंजस में भी है. कुछ लोगों का कहना है कि राम नवमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाना चाहिए और कुछ 27 तारीख की बात कर रहे हैं. इस वीडियो को देखकर दूर करें तिथि का कंफ्यूजन
Chaitra Navratri 2026: 26 मार्च यानी आज चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि है. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा का विधान है. कहते हैं कि मां महागौरी की पूजा से जीवन के सारे संकटों को दूर किया जा सकता है. धन प्राप्ति के लिए भी महागौरी की पूजा अत्यंत लाभकारी मानी गई है.
Chaitra Navratri 2026 Durga Ashtami: चैत्र नवरात्र की दुर्गाष्टमी बहुत ही महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है. इस दिन छोटी कन्याओं का पूजन करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आज कन्या पूजन के लिए 3 मुहूर्त प्राप्त होंगे. जिसमें पहला मुहूर्त आज सुबह 6 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और समाप्त 7 बजकर 48 मिनट पर होगा.
26 मार्च यानी आज चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाएगा. अष्टमी पर कन्या पूजन के लिए इस बार तीन शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. इस बार अष्टमी तिथि पर सर्वार्थसिद्धि और रवि योग का निर्माण भी होने वाला है.