धार्मिक मान्यता है कि रोहिणी व्रत और आरती करने से सुख-समृद्धि, सौभाग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है. माना जाता है कि यह व्रत रखने के साथ आरती करने से आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति मिलता है. जैन धर्म में विशेष महत्व रखने वाले इस व्रत को महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए भी रखती हैं.
ॐ जय रोहिणी माता, मैया जय रोहिणी माता।
महायक्ष की प्रियकारिणी हो, जग तव गुण गाता ॥ ऊँ जय...
रूप आपका सुभग मनोहर, महिमा है न्यारी।
सम्यग्दर्शन सेवी, भक्ति है सुखकारी ॥ ऊँ जय...
मनवांछित फल प्राप्ति हेतु जो, शरण तेरी आवे।
रोग, शोक, दुःख, दारिद नाशे, धन संतति पावे ॥ ऊँ जय...
मंगलकरिणी, सब सुख भरिणी, तव द्वारे आया।
हम बालक तुम माता मेरी, आश एक लाया ॥ ऊँ जय...
लौकिक जीवन हो प्रकाशमय, कज्ञान मिले साँचा।
जिनवच पर दृढ श्रद्धा इंदू, एक यही यांचा।। ऊँ जय...
-----समाप्त-----