scorecardresearch
 
Advertisement

मां शैलपुत्री की आरती (Maa Shailputri Ki Aarti)

मां शैलपुत्री की आरती

मां शैलपुत्री की आरती और पूजा करने से मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में स्थिरता मिलने की धार्मिक मान्यता है. मां को गाय के घी का भोग लगाने से आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है. उनकी उपासना से मूलाधार चक्र जागृत होने तथा साहस और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ने की भी मान्यता है.

मां शैलपुत्री की आरती
मां शैलपुत्री की आरती

शैलपुत्री मां बैल असवार। करें देवता जय जयकार।।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।

 

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।।

 

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।।

 

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।

 

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।
 

-----समाप्त-----

समाप्त

यह भी पढ़ें

Advertisement
Advertisement