scorecardresearch
 
Advertisement

धन्वंतरि देव की आरती (Dhanvantari Dev Ki Aarti)

धन्वंतरि देव की आरती

धार्मिक मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि की आरती करने से अच्छा स्वास्थ्य, निरोगी जीवन और मानसिक शांति प्राप्त होती है. श्रद्धापूर्वक उनकी आराधना करने से रोगों और कष्टों से मुक्ति की कामना पूरी होती है. साथ ही घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है. भगवान धन्वंतरि की कृपा से जीवन में खुशहाली बनी रहती है.

धन्वंतरि देव की आरती
धन्वंतरि देव की आरती

जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।
जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा।।

 

तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।
देवासुर के संकट आकर दूर किए।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।।

 

आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।
सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।।

 

भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।
आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।।

 

तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।
असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।।

 

हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।
वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।।

 

धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।
रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।। 
जय धन्वंतरि देवा, जय जय धन्वंतरि देवा।।

 

-----समाप्त-----

समाप्त

यह भी पढ़ें

Advertisement
Advertisement