धौलपुर शहर की मोहन कॉलोनी में एक परिवार के लिए सांप का कहर एक बार फिर मौत बनकर सामने आया है. यहां घर में बिस्तर पर सो रहे 11 वर्षीय आयुष खान को जहरीले सांप ने डंस लिया. इस हादसे में मासूम की मौत हो गई. मोहन कॉलोनी निवासी संजय खान का बेटा आयुष बीती रात अपने बिस्तर पर सो रहा था. रात में ही किसी समय जहरीला सांप उसके पास पहुंचा और उसे काट लिया. परिवार को घटना की जानकारी सुबह हुई. परिजनों को जैसे ही पता चला कि आयुष को सांप ने काट लिया है, वे उसे लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे. परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से बच्चे की जान बच जाएगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. जिस घर में रात तक सब कुछ सामान्य था, वहां सुबह बच्चे की मौत के बाद मातम पसर गया.
आयुष की मौत के बाद परिवार ने बताया कि सांप के काटने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी उनके परिवार के कई सदस्य जहरीले सांप का शिकार हो चुके हैं. परिजनों के मुताबिक करीब 15 साल पहले परिवार की एक बेटी की सांप के काटने से मौत हो गई थी. उस घटना का दर्द परिवार अभी पूरी तरह भूल भी नहीं पाया था कि एक बार फिर सांप ने परिवार को अपना शिकार बनाया. इसके बाद संजय खान की पत्नी और उनके छोटे भाई की पत्नी को भी सांप ने काट लिया था. दोनों घटनाओं में परिवार के सदस्यों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी जान बच गई. अब आयुष की मौत के साथ परिवार में सांप के काटने की यह चौथी घटना हो गई है. इस बार परिवार अपने 11 साल के मासूम को नहीं बचा सका.
पहले बेटी की मौत, अब मासूम आयुष ने तोड़ा दम
परिजनों के मुताबिक करीब 15 साल पहले सांप के काटने से परिवार की एक बेटी की मौत हुई थी. इसके बाद दो महिलाओं को सांप ने काटा, लेकिन समय पर इलाज मिलने से वे बच गईं. परिवार के लिए सांप का यह डर अब एक बार फिर गहरा गया है. आयुष की मौत ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए हैं. एक ही परिवार में बार-बार सांप के काटने की घटनाओं ने आसपास के लोगों को भी चिंता में डाल दिया है. स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर डर का माहौल है. लोगों का कहना है कि इलाके में सांप और बिच्छू दिखाई देना कोई नई बात नहीं है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहन कॉलोनी में लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है. उनका कहना है कि इलाके में पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. लोगों के मुताबिक जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में जहरीले सांप और बिच्छू पनप रहे हैं. ये अक्सर घरों और आसपास के रास्तों पर दिखाई देते हैं.आयुष की मौत के बाद स्थानीय लोगों में डर के साथ प्रशासन को लेकर नाराजगी भी है. लोगों का कहना है कि अगर जलभराव और गंदगी की समस्या बनी रही तो आने वाले समय में किसी और परिवार को भी ऐसी घटना का सामना करना पड़ सकता है.
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मोहन कॉलोनी में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है. लोगों ने इलाके में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाने की भी मांग की है. उनका कहना है कि केवल सफाई करने से नहीं, बल्कि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में जहरीले सांप और बिच्छुओं का खतरा बना हुआ है. ऐसे में प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.
एक परिवार का दर्द, पूरे इलाके में डर
आयुष की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. 11 साल के बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया है. एक तरफ परिवार अपने मासूम को खोने के दर्द से गुजर रहा है, तो दूसरी तरफ इस बात का डर भी है कि कहीं सांप फिर किसी घर में न पहुंच जाए. परिजनों के मुताबिक उनके परिवार में सांप के काटने की यह चौथी घटना है. पहले भी सांप के काटने से एक जने की जान जा चुकी है, जबकि दो महिलाओं को समय पर इलाज मिलने से बचा लिया गया था. अब स्थानीय लोग चाहते हैं कि मोहन कॉलोनी में जलभराव और गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान हो और सफाई व्यवस्था बेहतर की जाए, ताकि किसी दूसरे परिवार को अपने बच्चे या किसी अपने को सांप के काटने से न खोना पड़े.