हरियाणा के पंचकूला स्कूल कांड में एक के बाद एक दो बड़े कानूनी फैसले सामने आए हैं. सरकारी स्कूल में 6 साल की मासूम बच्ची पर बेरहमी से हमला करने के आरोपी 8 वर्षीय बच्चे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने जमानत दे दी है. इसके साथ ही सोशल मीडिया और दूसरे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे घटना के वीडियो, तस्वीरों और ऐसी सामग्री को हटाने के आदेश भी जारी किए हैं, जिनसे आरोपी बच्चे की पहचान उजागर हो रही है.
बोर्ड ने जांच अधिकारी (IO) को निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य सार्वजनिक मंचों से पहचान उजागर करने वाली सामग्री हटवाई जाए. इसके लिए 27 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी होगी. आरोपी बच्चे के पिता की ओर से जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015 की धारा 74 के तहत अलग से आवेदन दायर किया गया था.
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इस याचिका में मांग की गई थी कि इंटरनेट और अन्य सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित हो रहे वीडियो, फोटो और दूसरी सामग्री को हटाया जाए. पिता की ओर से दलील दी गई कि इन पोस्ट के जरिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कानून के उल्लंघन के आरोपी नाबालिग की पहचान उजागर हो रही है. बोर्ड ने आवेदन स्वीकार करते हुए सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं.
27 नवंबर तक हटाने होंगे वीडियो, जांच अधिकारी देगा रिपोर्ट
आरोपी पक्ष के वकील के मुताबिक, बोर्ड ने जांच अधिकारी को वायरल वीडियो, तस्वीरों और अन्य संबंधित सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ सार्वजनिक मंचों से हटवाने का आदेश दिया है. अब पुलिस को 27 नवंबर तक यह बताना होगा कि निर्देशों पर कितना अमल हुआ.
आवेदन में स्कूल के प्रिंसिपल और संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश देने की मांग की गई थी. इसमें कहा गया था कि स्कूल प्रशासन इस घटना से जुड़ी किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर आगे प्रसारित, साझा या प्रकाशित होने से रोके.
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 के तहत कानून से संघर्ष की स्थिति में आए बच्चे की पहचान उजागर करने पर रोक है. इसी कानूनी प्रावधान का हवाला देते हुए आरोपी के पिता ने वीडियो और तस्वीरें हटाने की मांग की थी. बोर्ड के आदेश के बाद अब इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को लेकर भी कार्रवाई होगी.
आरोपी बच्चे को मिली जमानत, काउंसलिंग और सुधार की जिम्मेदारी माता-पिता पर
बोर्ड के सामने आरोपी बच्चे के पिता की ओर से जमानत याचिका भी दाखिल की गई थी. बचाव पक्ष ने दलील दी कि बच्चे का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. ऑब्जर्वेशन होम में रहने से उसकी पढ़ाई और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है.
माता-पिता ने बोर्ड को भरोसा दिलाया कि वे बच्चे की उचित काउंसलिंग कराएंगे. उसके व्यवहार में सुधार और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी भी उठाएंगे. इन दलीलों और आश्वासनों पर विचार करने के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने 8 वर्षीय आरोपी को जमानत दे दी.
इस तरह एक ही सुनवाई के दौरान आरोपी बच्चे को राहत मिलने के साथ उसकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री हटाने का आदेश भी जारी हुआ. अब जांच अधिकारी को निर्धारित समयसीमा में बोर्ड के सामने अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी.
28 अक्टूबर को KG की बच्ची पर हुआ था बेरहमी से हमला
गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में KG कक्षा में पढ़ने वाली 6 वर्षीय बच्ची पर 8 साल के बच्चे ने कथित तौर पर बेरहमी से हमला किया था. आरोप है कि बच्ची के सिर पर ईंट से कई बार वार किए गए. उसे बेंच से पटका गया, टाई पकड़कर घसीटा गया और कई बार लातें भी मारी गईं.
हमले के बाद बच्ची बेहोश हो गई थी. गंभीर हालत में उसे चंडीगढ़ के पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था. घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी. इस मामले को लेकर स्कूल की सुरक्षा और बच्चों की निगरानी पर भी सवाल उठे थे.
राहत की बात यह है कि बुधवार सुबह बच्ची को पीजीआई से छुट्टी मिल गई और वह अपने घर लौट आई. उसके घर पहुंचने से परिवार ने राहत की सांस ली है. हालांकि, घटना के बाद से ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर चर्चा जारी है.
अब 27 नवंबर को पेश होगी रिपोर्ट, आदेश के पालन पर नजर
इस पूरे मामले में अब 27 नवंबर की तारीख अहम हो गई है. जांच अधिकारी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने रिपोर्ट देनी होगी कि वायरल वीडियो, तस्वीरों और आरोपी बच्चे की पहचान उजागर करने वाली दूसरी सामग्री को हटाने के आदेश का कितना पालन हुआ है.
एक तरफ पीड़ित बच्ची अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौट आई है, तो दूसरी ओर आरोपी को जमानत मिलने और उसकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री हटाने के आदेश ने मामले को नया कानूनी मोड़ दे दिया है. अब सबकी नजर पुलिस की अनुपालन रिपोर्ट और आगे होने वाली सुनवाई पर रहेगी.