जयपुर जिले के बगरू क्षेत्र स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की टीम पर कथित हमले का मामले में दोनों पक्षों (सीजेपी और गांव वालों) ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट और उपद्रव के मामले दर्ज कराए हैं.
दरअसल, शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत कार्यकर्ताओं को साथ जयपुर के बगरू क्षेत्र स्थित रामपुरा-कंवरपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के कड़ा विरोध का सामना करना पड़ा. इसके बाद ग्रामीणों ने सीजेपी की टीम को खदेड़ दिया था. हालांकि, बाद में ग्रामीणों ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया और कहा कि जो घटना सामने आई है. उसमें सीजेपी के खुद के ही लोग शामिल थे. इसी मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.
पुलिस ने दोनों पक्षों की ली शिकायत
पुलिस ने बताया कि रामपुरा-कंवरपुरा गांव में शुक्रवार को हुए विवाद और पथराव के बाद मामले में देर रात शिवदासपुरा थाने में सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर मारपीट और उपद्रव के आरोप में केस दर्ज कराया. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
आशुतोष ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
वहीं, घटना के बाद सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर मारपीट और गाड़ियों के शीशे तोड़ने का आरोप लगाया है. सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पार्टी के साथी 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सरकारी स्कूल की हालत देखने गए थे. उन्होंने दावा किया कि मौके पर मौजूद बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने सीजेपी टीम पर हमला किया, उनके साथ मारपीट की और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए. उन्होंने 48 घंटे के अंदर हमलावरों की गिरफ्तारी और शिक्षा विभाग के हालिया आदेश को वापस लेने की मांग की और ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी.
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि अगर स्कूल की मरम्मत शुरू नहीं हुई तथा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वो धरना देंगे.
हमने नहीं किया हमला: ग्रामीण
उधर, गांव वालों का बयान बिल्कुल अलग है. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कोई हमला नहीं किया, बल्कि उन्होंने तो सीजेपी की टीम को अच्छी तरह समझाकर वापस भेज दिया है.
ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने कोई हमला नहीं किया, बल्कि सीजेपी वाले 200-250 लोग लेकर आए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी खुद तोड़ी. उन्होंने बताया कि विधायक द्वारा स्कूल के लिए 12 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं. वहीं, ग्रामीण अनु शर्मा ने कहा कि 20-25 बच्चे यहां पढ़ते हैं और ग्रामीण स्कूल को तोड़ने नहीं देंगे.
सामने की बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ स्कूल
इसी बीच रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल के लिए गांव के लोगों ने सामने स्कूल के सामने स्थित एक बिल्डिंग में जगह दी है, वहां स्कूल में पढ़ने वाले सभी 18 बच्चों को शिफ्ट किया गया है. स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा होने तक अब क्लास इसी बिल्डिंग में चलेंगी. इसके लिए गांव के लोगों ने शिक्षा विभाग से भी सहमति ले ली है. इससे पहले भी गांव के एक व्यक्ति ने स्कूल के लिए तबेले की जगह दी थी.