उस बच्ची ने इस दुनिया में आंखें खोले अभी 13 घंटे ही हुए थे. न उसने मां की गोद ठीक से देखी थी, न दुनिया को समझा था. बस रोना ही उसकी पहली भाषा थी. लेकिन उसी रोने ने अस्पताल के स्टाफ के सामने एक सवाल खड़ा कर दिया. रात करीब तीन बजे तक वार्ड में नवजात के रोने की आवाज आ रही थी. फिर अचानक सब कुछ शांत हो गया. पहले लगा कि शायद बच्ची सो गई होगी. लेकिन जब नर्स ने जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए. पुलिस के मुताबिक, बच्ची की मौत हो चुकी थी.
मामला राजस्थान के जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अस्पताल का है. पुलिस का आरोप है कि 34 साल के रवि कुमार यादव ने अपनी 13 घंटे की नवजात बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी. आरोपी कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना इलाके का रहने वाला है और एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड है.
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पुलिस का कहना है कि रवि की पत्नी कोमल को 27 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 28 जुलाई की दोपहर सिजेरियन ऑपरेशन से बच्ची का जन्म हुआ. कपल की पहले से दो बेटियां हैं.
पुलिस का कहना है कि तीसरी संतान भी बेटी हुई तो आरोपी को अच्छा नहीं लगा. वह बेटे की चाहत रखता था. ऑपरेशन के बाद मां को आईसीयू में रखा गया था. इसलिए नवजात को रात में देखभाल के लिए उसके पिता के पास छोड़ दिया गया.

अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक, रात करीब तीन बजे तक बच्ची रो रही थी. फिर उसकी आवाज अचानक बंद हो गई. नर्सिंग स्टाफ को शक हुआ तो उन्होंने बच्ची की जांच की. वह मृत मिली. इसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई.
चंदवाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बच्ची का गला दबाने की बात स्वीकार की. हालांकि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. नर्सिंग कर्मी की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है. वहीं बच्ची के दादा अपनी पोती के शव को लेकर अस्पताल और थाने के बीच भटकते रहे. परिवार गहरे सदमे में है.