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असम कांग्रेस से 'हिंदू नेताओं का पलायन', क्या हिमंत बिस्वा सरमा के मिशन का कमाल है?

असम विधानसभा चुनाव से कांग्रेस को बड़े बड़े झटके लग रहे हैं. ताजा झटका दिया है नागांव सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने, भूपेन बोरा की तरह उनको भी मनाने की कांग्रेस नेताओं की कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं - प्रद्युत बोरदोलोई के निशाने पर भी असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ही हैं.

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प्रद्युत बोरदोलोई, असम के नागांव से सांसद हैं और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता तक से इस्तीफा दे दिया है. (Photo: PTI)
प्रद्युत बोरदोलोई, असम के नागांव से सांसद हैं और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता तक से इस्तीफा दे दिया है. (Photo: PTI)

असम से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा दे दिया है. असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस लगा यह दूसरा बड़ा झटका है. पहला झटका था, असम कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके भूपेन बोरा का पार्टी छोड़कर बीजेपी में चले जाना. तब से लेकर अभी तक तीन और मौजूदा विधायक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. प्रद्युत बोरदोलोई के साथ ही असम कांग्रेस के उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार ने भी पार्टी छोड़ दी  है. 

प्रद्युत बोरदोलोई असम के नागांव से सांसद हैं. प्रद्युत बोरदोलोई दुखी होकर पार्टी छोड़ने की घोषणा की है. असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कुछ कांग्रेस नेताओं ने प्रद्युत बोरदोलोई को भी भूपेन बोरा की तरह मनाने की कोशिश की है. भूपेन बोरा से तो राहुल गांधी ने भी फोन पर बात की थी, लेकिन नहीं समझा पाए. 

उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई को असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की लिस्ट में मार्गेरिटा सीट से टिकट दिया गया है, लेकिन  प्रद्युत बोरदोलोई एक विधायक का टिकट काटे जाने की मांग पर अड़े हुए हैं. हालांकि, लहरीघाट विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने टिकट की घोषणा नहीं की है. 

हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि एक को छोड़कर सभी हिंदू नेताओं को बीजेपी में लाएंगे. प्रद्युत बोरदोलोई के भी बारे में भी भूपेन बोरा की तरह बीजेपी में जाने की खबर है. 

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बोरदोलोई ने इस्तीफा क्यों दिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे अपने इस्तीफे में प्रद्युत बोरदोलोई ने लिखा है, अत्यंत दुख के साथ, मैं आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र देता हूं.

प्रद्युत बोरदोलोई ने असम के लहरीघाट विधायक का टिकट काटने की मांग की थी. लहरीघाट से आसिफ नजर कांग्रेस के विधायक हैं. कांग्रेस ने लहरीघाट से अभी तक किसी को उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. प्रद्युत बोरदोलोई का आरोप है कि पंचायत चुनाव के दौरान आसिफ नजर ने उन पर हमला कराया था - इस्तीफा देने से पहले प्रद्युत बोरदोलोई ने असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर विधायक को अपराधी बताते हुए टिकट नहीं देने की मांग की थी.

1. मीडिया से बातचीत में प्रद्युत बोरदोलोई कहते हैं, मेरे संसदीय क्षेत्र से एक कांग्रेस विधायक ने पंचायत चुनाव के दौरान मुझ पर हमला करवाया था. प्रद्युत बोरदोलोई के मुताबिक, 27 अप्रैल, 2025 को दुमदुमिया क्षेत्र में उन पर जानलेवा हमला हुआ था.  

2. प्रद्युत बोरदोलोई ने बताया, नागांव पुलिस ने लहरीघाट के कुख्यात अपराधी इमदादुल इस्लाम को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है... पता चला कि इमदादुल इस्लाम लहरीघाट के विधायक आसिफ नजर का करीबी माना जाता है. 

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3. प्रद्युत बोरदोलोई बताते हैं कि जब इमदादुल इस्लाम जेल से रिहा हुआ तो विधायक आसिफ नजर ने उसका 'हीरो जैसा स्वागत' किया था. गौरव गोगोई से भी मुलाकात कराई थी. प्रद्युत बोरदोलोई का आरोप है कि उनके विरोध के बावजूद गौरव गोगोई ने एक कार्यक्रम में हमले के आरोपी के साथ मंच शेयर किया. मंच पर विधायक आसिफ नजर भी मौजूद थे. 
 
4. कांग्रेस प्रभारी को पत्र लिखने खास वजह बताते हुए प्रद्युत बोरदोलोई कहते हैं, यह मेरा अपमान है... एक अपराधी को टिकट कैसे मिल सकता है?

5. प्रद्युत बोरदोलोई की नाराजगी की एक और भी बड़ी वजह मालूम हुई है. बताते हैं, 13 मार्च को दिल्ली में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में सांसद इमरान मसूद ने कहा कि आसिफ नजर के खिलाफ लगाए गए आरोप और सबूत झूठे हैं. 

केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य इमरान मसूद की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए प्रद्युत बोरदोलोई ने लिखा है,'मैं उस बैठक में मौजूद नहीं था, लेकिन आलाकमान के सामने मेरे बारे में की गई ऐसी टिप्पणियों से मुझे अपमान महसूस हुआ. तब भी गौरव गोगोई बिल्कुल चुप रहे, और उन्होंने वह जानकारी भी वहां पेश नहीं की जो मैंने पहले ही उनसे शेयर की थी.'

कौन हैं प्रद्युत बोरदोलोई

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1. प्रद्युत बोरदोलोई ने असम के मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में 1998 में अपना करियर शुरू किया था. 2001 से 2015 के बीच प्रद्युत बोरदोलोई असम की कांग्रेस सरकार में बतौर मंत्री कई महत्वपूर्ण विभाग भी संभाले. 

2. प्रद्युत बोरदोलोई को कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता रहा है. प्रद्युत बोरदोलोई सरकार के साथ साथ संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. लेकिन, 2016 का विधानसभा चुनाव वह हार गए. उसके बाद कांग्रेस ने 2019 में प्रद्युत बोरदोलोई को नागांव लोकसभा सीट से टिकट दिया. सांसद बने, और 2024 में भी अपनी सीट बरकरार रखी. 

3. प्रद्युत बोरदोलोई ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एम ए और एम फिल की डिग्री हासिल की है. 66 साल के हो चुके प्रद्युत बोरदोलोई का जन्म 28 मार्च, 1958 को असम के मार्गेरिटा में हुआ था.

बीजेपी का कांग्रेस मुक्त मिशन

हाल ही में हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था, हम कांग्रेस के सभी हिंदू नेताओं को बीजेपी में लाएंगे. यह दावा किया था कि कांग्रेस के 70 फीसदी नेता अब भी उनको फॉलो करते हैं.  

हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी दावा किया था कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई नेता पाला बदलकर बीजेपी में शामिल होने वाले हैं. बोले, इससे कांग्रेस और कमजोर हो जाएगी... हमारे लिए असम को 'कांग्रेस-मुक्त' राज्य बनाना आसान हो जाएगा.

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पंचायत आजतक के मंच पर भी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था, कांग्रेस में से केवल एक नेता को छोड़कर, जो पाकिस्तान का एजेंट है, बाकी सारे हिंदू नेताओं को बीजेपी में लेकर आएंगे. लगे हाथ हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी बताया कि कांग्रेस के 30 नेताओं को बीजेपी का टिकट देंगे.

जिस शिकायत के साथ प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस छोड़ रहे हैं, वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एजेंडे को ही बल देता है. प्रद्युत बोरदोलोई को गौरव गोगोई से नाराजगी इसी बात से है कि उन पर हमले के आरोपी इमदादुल इस्लाम को उनके ही संसदीय क्षेत्र के विधायक आसिफ नजर संरक्षण दे रहे हैं, और यूपी के सांसद इमरान मसूद उनकी गैरमौजूदगी में टिप्पणी करते हैं - और असम कांग्रेस के अध्यक्ष ये सब चुपचाप सुन रहे होते हैं.

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