PM Modi reached Daat Kali Temple. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं, जहां पीएम दोपहर लगभग 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी सहारनपुर होते हुए देहरादून के डाट काली मंदिर पहुंच गए हैं, जहां वह पूजा-अर्चना कर रहे हैं.
देहरादून पहुंचे से पहले प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:15 बजे यूपी के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे ऊंचे खंड पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा की और एक भव्य रोड शो किया, जहां जनसैलाब में पीएम को जोरदार स्वागत किया.
इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा में लगने वाले समय को कम करना है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से तैयार ये प्रोजेक्ट आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है. करीब 13,000 करोड़ रुपये की इस सौगात में एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और 340 मीटर लंबी सुरंग शामिल है.
वहीं, पीएम के आगमन को लेकर देहरादून में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. शहर में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं.
वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के उद्घाटन से जुड़ी खबरों के लिए पेज पर बने रहें...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून के डाट काली मंदिर पहुंच गए हैं, जहां वह पूजा-अर्चना के बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे.
Delhi Dehradun Expressway Opening: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का उद्धाटन करने से पहले यूपी के सहारनपुर में कॉरिडोर के ऊंचे हिस्से पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का जायजा लिया. प्रधानमंत्री जल्द ही देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे.
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाएगा. इससे व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. ये परियोजना प्रधानमंत्री के उस नजरिए को दिखाती है जिसमें अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का विकास करना शामिल है.
सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य रोड शो शुरू हो गया है. रोड शो के बाद पीएम दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे.
PM नरेंद्र मोदी अब से कुछ देर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. 213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला और एक्सेस कंट्रोल्ड दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है. ये कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है और दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा में लगने वाले वक्त (जो वर्तमान में छह घंटे है) को घटाकर लगभग ढाई घंटे हो जाएगा.
Delhi Dehradun Expressway Inauguration: नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे में विशेष रूप से जंगली जानवरों ध्यान में रखते हुए बनाए गए वाइल्डलाइफ कॉरिडोर में हाल ही में वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही की झलक देखी गई.


उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस रावत कांग्रेस नेता हरीश रावत ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के नामकरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर मांग करते हुए कहा, इस एक्सप्रेस-वे का नाम बी.आर आंबेडकर के नाम पर रखा जाए जो आंबेडकर जयंती पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बाद देहरादून शहर में ट्रैफिक, जाम और यातायात की परेशानियां बढ़ने की आशंकाएं हैं. उनका कहना है कि इसका सीधा असर आम जनजीवन और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ेगा.
उन्होंने चिंता जताई कि इसका असर पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा, क्योंकि गाड़ियों की धीमी आवाजाही से किराए बढ़ने की संभावनाएं हैं. कांग्रेस नेता ने अंत में सरकार से जनहित में ठोस कदम उठाने की मांग की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का सहारनपुर में उद्घाटन करेंगे. इस कॉरिडोर से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे हो जाएगा. इसे मानव-पशु संघर्ष को काफी हद तक कम करने के उद्देश्य से कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है. इस परियोजना में 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है.