
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. जहरीली शराब पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा एक आरोपी भी शामिल है. करीब 40 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना पर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कुल 30 आरोपियों की पहचान की है. पुलिस के मुताबिक, इनमें से 16 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है.
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध शराब में इस्तेमाल की गई स्पिरिट के असली स्रोत का पता लगाना था. पुलिस को यह जानकारी थी कि स्पिरिट कहां से लीक हुई, लेकिन उसके वास्तविक स्रोत तक पहुंचने के लिए आरोपियों से पूछताछ की गई. एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह, उसके सहयोगी मनीष लोधी और एक दूर के रिश्तेदार शिवंजय ने मिलकर शराब तैयार करने की साजिश की थी.
पुलिस के अनुसार, इसके लिए स्पिरिट को एक मक्के के खेत में लाया गया था. वहीं शराब तैयार करने की बात सामने आई है. जब पुलिस ने आरोपियों से स्पिरिट के स्रोत के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि सामग्री की व्यवस्था मनीष लोधी ने की थी. पुलिस के मुताबिक, मनीष ने रवि लखेड़ा नाम के एक सहयोगी के साथ मिलकर स्पिरिट की व्यवस्था की और शराब तैयार की. रवि लखेड़ा को पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और तस्कर बताया है.
एसपी ने कहा कि मामला सागर में दर्ज हुआ है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी भी पुलिस की ओर से की जा रही है. इस मामले में एक ऐसी बात भी सामने आई है, जिसने जांच को और गंभीर बना दिया है. पुलिस के मुताबिक, शराब सप्लाई करने वाले आरोपियों में से एक ने खुद भी सस्ती शराब पी थी. इसके बाद उसकी मौत हो गई.
इस मामले में सागर जिले के गुगरा खुर्द गांव में भी मातम पसरा हुआ है. यहां अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में एक ही परिवार के तीन लोग शामिल हैं. इनमें दो भाई और एक चचेरा भाई बताया गया है. ग्रामीणों का दावा है कि गांव के करीब 30 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं.
रक्षाबंधन पर घर आए थे दो भाई
ग्रामीण जसरथ लोधी ने बताया कि उजियार सिंह और भगवान सिंह लोधी इंदौर की एक फैक्ट्री में काम करते थे. दोनों रक्षाबंधन के मौके पर घर आए थे. काफी समय बाद घर लौटे दोनों भाई दोस्तों के साथ पार्टी करने गए थे और वहां शराब पी. भगवान सिंह लोधी की पत्नी सुमन सिंह लोधी गर्भवती हैं और एक और बच्चे को जन्म देने वाली हैं. पति की मौत के बाद उन्होंने कहा कि उनके सपने खत्म हो गए हैं और जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा है.
सुमन ने सरकार और प्रशासन से परिवार की मदद करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसी त्रासदी दोबारा किसी और के साथ नहीं होनी चाहिए. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है. सागर रेंज के डीआईजी शशिंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पीड़ित परिवारों की शिकायतों के आधार पर तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सागर पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने घटना से प्रभावित और पीड़ित सभी लोगों से मुलाकात की है. उन्होंने प्रशासन के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली है. मुख्यमंत्री ने कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, कांग्रेस शासन के दौरान इस तरह की घटनाओं को लेकर सख्त कानून नहीं थे. हमारी सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान कानून बनाया गया. इस कानून में ऐसे मामलों में हत्या के आरोप से लेकर उम्रकैद और यहां तक कि मृत्युदंड तक का प्रावधान है.'
दुबई प्रवास के बाद आज सभी कार्यक्रम स्थगित कर सागर जिले का दौरा किया।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 9, 2026
शराब के सेवन से हुई घटना के पीड़ित मरीजों से अस्पताल में मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। चिकित्सकों को उनके बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
ऐसे मामलों में कठोरतम सजा का कानून भाजपा की सरकार ने ही बनाया है। सागर जिला… pic.twitter.com/hJE1WQBRqd
उन्होंने कहा कि प्रशासन को सबसे सख्त संभव कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी ऐसी जरूरत हो, वहां कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए. मोहन यादव ने कहा कि घायलों को तत्काल और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घटना से ऐसा कड़ा संदेश जाएगा कि कोई भी व्यक्ति भविष्य में इस तरह की हरकत दोहराने की हिम्मत न करे. मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि जिन परिवारों ने एक, दो या तीन बच्चों को खोया है, उनके लिए यह बेहद पीड़ादायक है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपील की कि ऐसी घटनाओं के सामने सभी दलों को एकजुट होकर अपनी सामूहिक ताकत दिखानी चाहिए.

घटना के संबंध में तीन आबकारी अधिकारियों और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान भी शुरू किया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शराब पीने के बाद उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर चिकित्सा सहायता लें.
विपक्ष ने मांगी हाईलेवल जांच
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में भी सवाल उठने लगे हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के साथ वरिष्ठ पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों की कथित भूमिका की भी जांच की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने प्रभावित इलाकों और पूरे राज्य में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है.
सागर में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंच चुका है. पुलिस अब तक 30 आरोपियों की पहचान कर 16 को गिरफ्तार करने की बात कह रही है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. दूसरी ओर अस्पतालों में करीब 40 लोग भर्ती हैं और तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है.