MP News: रतलाम जिले के रावटी थाने के भीतर जमकर हंगामा करना और पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक रूप से ड्यूटी के पाठ पढ़ाना जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा को भारी पड़ गया है. थाने में टीआई को बुलाने की जिद, पुलिसकर्मियों को फटकार लगाने और 'कह देना केशू आया था...' जैसे तेवरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रावटी पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए केशू निनामा, दो स्थानीय सरपंचों और 20-25 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है.
वायरल वीडियो में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा बेहद आक्रामक अंदाज में पुलिसकर्मियों से सवाल करते नजर आ रहे थे. युवा नेता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था, ''क्या कर रहे हो तुम लोग थाने वाले? तुम्हारी ड्यूटी क्या है? तुम्हें क्या लगता है, तुम्हारा टीआई... टीआई साहब का बोलने का तरीका है, उनको बोलिए यहां पर आकर केशू आया हुआ है. तुमने वर्दी पहन रखी है, यहां का व्यक्ति हमको नक्सल घोषित कर रहा है... क्या हमने मर्डर किए हैं? क्या हमने गोलियां चलाई हैं? ये थाना है या तुम्हारी धर्मशाला है?''
केशू निनामा ने थाना प्रभारी मनीष डावर को तुरंत फोन पर मौके पर बुलाने की मांग की और चेतावनी दी कि आदिवासी समाज को 'नक्सलाइट' कहने वाले आरोपी को तुरंत थाने में बंद किया जाना चाहिए. टीआई के तुरंत मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज निनामा अपने समर्थकों के साथ थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों की ओर से तीन दिन में जांच का आश्वासन दिए जाने पर धरना समाप्त हुआ था. देखें VIDEO:-
अब हंगामे का वीडियो वायरल होने के बाद रावटी पुलिस ने केशु निनामा, दो सरपंचों सहित करीब 20 से 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. वहीं, निनामा ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए पुलिस का सम्मान करने की बात कही है.
फिलहाल इस मामले में दो मोर्चों पर कार्रवाई का इंतजार है. एक तरफ आदिवासी समाज को लेकर की गई कथित फेसबुक पोस्ट पर पुलिस की कार्रवाई, तो दूसरी तरफ थाने में हंगामे के मामले में दर्ज एफआईआर की जांच. अब देखना होगा कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है.