मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलने के मामले में फरार चल रहा ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू गिरफ्तार कर लिया गया है. देवास पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा से भागने और पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने चेतावनी देकर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी.
एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह मुठभेड़ देवास के पास बरोठा थाना क्षेत्र में हुई. घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है. मामले में दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर अलग-अलग 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
भागने और हथियार छीनने की कोशिश का दावा
देवास पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उससे पूछताछ और मामले से जुड़े घटनास्थल की जांच कर रही थी. इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया और पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश की.
पुलिस का दावा है कि चेतावनी देने के बाद आरोपी को रोकने के लिए गोली चलाई गई, जो उसके दाहिने पैर में लगी. हालांकि, इस घटनाक्रम के विस्तृत विवरण और पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
1800 लीटर से ज्यादा अवैध शराब से भरा था ट्रक
यह मामला सोमवार को इंदौर-बैतूल हाईवे पर हुई घटना से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में अवैध शराब ले जाई जा रही है. ट्रक में 1,800 लीटर से अधिक शराब होने की बात सामने आई है.
पुरी हाईवे पर एक ढाबे के पास खड़े ट्रक के ड्राइवर से पूछताछ करने पहुंचे थे. आरोप है कि पुलिस को देखकर ड्राइवर ने भागने की कोशिश की और ट्रक को सड़क के डिवाइडर पर चढ़ा दिया. इस दौरान ट्रक का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया. हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि एक कांस्टेबल घायल हो गया.
तीन आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में राहुल जायसवाल, विजय राव और केराम सिंह चांगोद को पहले गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, चांगोद पर शराब तस्करी के लिए ट्रक, ड्राइवर और क्लीनर की व्यवस्था करने का आरोप है.
अधिकारियों के अनुसार, राहुल जायसवाल पर हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात तक अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क चलाने का आरोप है. वहीं, विजय राव के बारे में पुलिस का कहना है कि उसने जायसवाल के लिए काम करने की बात स्वीकार की है.
तीनों आरोपियों को देवास जिला अदालत में पेश किया गया था. अदालत ने अभियोजन पक्ष की मांग पर उन्हें 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था. अब फरार ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.
पिता बोले- बेटे की हत्या हुई, CBI जांच कराई जाए
उधर, थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिजनों ने घटना को हत्या बताते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. उनके पिता ओम प्रकाश पुरी ने आरोपियों को फांसी देने और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी की.
परिजनों ने दिलीप पुरी की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिनिस्ट्रीयल स्टाफ में नौकरी देने की मांग प्रशासन के सामने रखी है.
दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर धार जिले के बरमंडल लाया गया था. यहां गार्ड ऑफ ऑनर के साथ राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान संभाग आयुक्त भास्कर लक्षकार, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, जिलाधिकारी राजीव रंजन मीणा, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने 'जब तक सूरज चांद रहेगा, दिलीप पुरी तेरा नाम रहेगा' के नारे लगाए.