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प्यार, कनेक्शन या सिर्फ Grey Area? ऐसे पहचानें Situationship के साइन्स

Situationship आज के डेटिंग कल्चर का ऐसा रिश्ता है, जिसमें दो लोग एक-दूसरे के काफी करीब होते हैं, लेकिन अपने रिश्ते को कोई नाम या कमिटमेंट नहीं देते. रोज बात करना, मिलना, केयर करना और इमोशनल या फिजिकल इंटिमेसी होने के बावजूद दोनों के बीच रिश्ता क्या है ये क्लियर नहीं होता. Situationship आखिर क्यों बढ़ रहे हैं? क्या जेन जी कमिटमेंट देने से कतरा रहे है?

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क्या सिच्युएशनशिप के नाम पर कमिटमेंट देने से कतरा रहे है जेन जी?
क्या सिच्युएशनशिप के नाम पर कमिटमेंट देने से कतरा रहे है जेन जी?

डेटिंग ऐप्स, इंस्टाग्राम DMs और हर वक्त ऑनलाइन रहने की वजह से किसी से जुड़ना आज पहले से आसान हो गया है. दो लोग रोज बात करते हैं, मिलते हैं, memes शेयर करते हैं, अपनी personal बातें बताते हैं और धीरे-धीरे emotional या physical intimacy भी develop हो जाती है. सब कुछ relationship जैसा लगता है, बस एक चीज साफ नहीं होती—आखिर दोनों के बीच है क्या?

जब इस सवाल का जवाब बार-बार “अभी देखते हैं कहां तक जाता है” जैसा मिले, तो यही Grey Area एक Situationship हो सकता है.

Situationship में दिक्कत सिर्फ यह नहीं है कि रिश्ते को कोई label नहीं मिला. असली परेशानी तब शुरू होती है, जब दोनों लोग एक ही connection को अलग तरह से समझ रहे हों. हो सकता है एक व्यक्ति इसे धीरे-धीरे relationship की तरफ बढ़ता हुआ देख रहा हो, जबकि दूसरा इसे सिर्फ casual रखना चाहता हो.

तो कैसे पता चले कि आप एक Genuine Connection में हैं या धीरे-धीरे एक Endless Situationship में फंस रहे हैं?

1. Future की बात आते ही गोल जवाब

अगर आप रिलेशनशिप के अगले स्टेप, एक्सक्लूसिविटी या फ्यूचर को लेकर बात करते हैं और सामने वाला हर बार टॉपिक बदल देता है , तो यह सोचने वाली बात है. एक-दो बार future की बात अवॉइड करना शायद नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर हर बार यही हो रहा है, तो शायद दोनों की एक्सपेक्टेशन्स एक जैसी नहीं हैं.

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2. कनेक्शन है, लेकिन कंसिसटेंसी नहीं

कभी घंटों बातें, लगातार मैसेजेसऔर बहुत सारा अटेंशन औरफिर अचानक से घोस्ट कर देना. अगर सामने वाला जब मन करे तब बहुत क्लोज आ जाए और फिर बिना किसी एक्सप्लेनेशन के दूर हो जाए, तो कनेक्शन की कंसिसटेंसी पर सवाल उठना ऑबवियस है.

3. Private में Couple, Public में “कुछ नहीं”

अकेले में बातें एक कपल जैसी हों, लेकिन दोस्तों के सामने या सोशल मीडिया पर सामने वाला आपको अपनी लाइफ का पार्ट मानने से बचे, तो यह भी एक साइन हो सकता है.

हर कोई अपने रिलेशनशिप को पब्लिक नहीं करना चाहता और इसमें कुछ गलत नहीं है. लेकिन प्राइवेसी और सीक्रेसी एक जैसी चीजें नहीं हैं. प्राइवेसी में दोनों लोग सिच्युएशन को समझते हैं, जबकि सीक्रेसी में एक व्यक्ति आपको छिपाकर रखना चाहता है.

4. दोनों की Expectations अलग हैं

सिच्युएशनशिप में एक व्यक्ति शायद इस कनेक्शन को धीरे-धीरे सीरियस रिलेशनशिप बनते देख रहे हों, जबकि सामने वाला इसे शुरू से कैजुअल रखना चाहता हो. यहीं सबसे ज्यादा कंफ्यूजन पैदा होता है. कई बार हम सामने वाले को उसके आज के बिहेवियर से नहीं, बल्कि उसके पोटेंशियल से देखने लगते हैं.

यानी हम सोचने लगते हैं कि “अभी भले ही वह commitment के लिए ready नहीं है, लेकिन शायद आगे चलकर उसका मन बदल जाए.” लेकिन किसी के Potential से प्यार करना और उसकी Actual Intentions को समझना दो अलग चीजें हैं.

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5. रिश्ता खुशी से ज्यादा टेंशन देने लगे

सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि सामने वाला आपको कितना पसंद करता है. सवाल यह है कि ये कनेक्शन आपको कैसा feel कराता है. अगर आप लगातार उसके रिप्लाई का इंतजार कर रहे हैं, उसके बिहेवियर को डीकोड कर रहे हैं और हर बातचीत के बाद यही सोच रहे हैं कि “क्या वह सच में मेरे साथ रहना चाहता है?”, तो शायद आपको कनेक्शन से ज्यादा क्लैरिटी की जरूरत है. Situationship से बाहर निकलने का मतलब हमेशा रिश्ता खत्म करना नहीं है.

सबसे पहले सामने वाले से खुलकर बात करें. पूछें कि वह इस connection को किस तरह देखता है और खुद भी साफ बताएं कि आप क्या चाहते हैं. हो सकता है दोनों की एक्सपेकटेशन्स करती हों और connection आगे बढ़े. यह भी हो सकता है कि दोनों अलग चीजें चाहते हों.

दोनों ही situations में एक बात जरूरी है-Clarity.

क्योंकि किसी रिश्ते में confused रहकर उम्मीद करते रहना, यह जानने से कहीं ज्यादा मुश्किल हो सकता है कि सामने वाला सच में क्या चाहता है.
 

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