आजकल डेटिंग में किसी को पसंद करना और उसे अपनी लाइफ में जगह देना, दोनों अलग-अलग बातें होती जा रही हैं. कई बार कोई इंसान आपसे बात करता है, फ्लर्ट करता है, आपका हालचाल पूछता है, लेकिन रिश्ते को लेकर कोई साफ जवाब नहीं देता. आपको लगता है कि शायद बात आगे बढ़ सकती है, लेकिन सामने वाला आपको न पूरी तरह अपनाता है और न ही दूर जाने देता है. डेटिंग की दुनिया में इसी तरह के रवैये को (बेंचिंग) कहा जाता है.
क्या होती है बेंचिंग?
बेंचिंग का मतलब है किसी इंसान को रिश्ते में पहली पसंद बनाने के बजाय बैकअप ऑप्शन की तरह रखना. जैसे क्रिकेट में कोई खिलाड़ी ग्राउंड पर खेलने के बजाय बेंच पर बैठकर अपनी बारी की इंतजार करता है, वैसे ही डेटिंग में भी किसी को इंतजार करवाया जाता है.
इसमें सामने वाला इंसान आपसे बीच-बीच में बात करता रहेगा, आपकी सोशल मीडिया स्टोरी पर रिएक्ट करेगा या अचानक मैसेज करके इंटरेस्ट दिखाएगा. लेकिन जब बात मिलने, कमिटमेंट करने या रिश्ते को आगे बढ़ाने की आती है, तो वो पीछे हट जाता है.
मान लीजिए, आप किसी से कई हफ्तों से बात कर रहे हैं. कभी वह घंटों आपसे चैट करता है, तो कभी कई दिनों तक गायब रहता है. जब आप उससे दूरी बनाने लगते हैं, तो उसका मैसेज आ जाता है, ‘हे, कैसी हो?’ या ‘काफी दिनों से बात नहीं हुई.’
आपको लगता है कि शायद वो सीरियस हो रहा है, लेकिन कुछ वक्त बाद फिर वही दूरी देखने को मिलती है. हो सकता है कि वो किसी और को डेट कर रहा हो और आपको दूसरे ऑप्शन की तरह बनाए रख रहा हो. हालांकि, सिर्फ देर से जवाब देना या कम बात करना बेंचिंग का पक्का सबूत नहीं है. असली बात उसके लगातार दिखने वाले बिहेवियर और इरादों की हैं.
लोग ऐसा क्यों करते हैं?
कुछ लोग अकेले नहीं रहना चाहते, कुछ अपने ऑप्शन्स खुले रखना चाहते हैं और कुछ को खुद नहीं पता होता कि उन्हें रिश्ता चाहिए भी या नहीं. सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर नए लोगों से मिलना आसान होने के कारण भी कुछ लोग एक साथ कई लोगों से बात करते हैं.
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कैसे पहचानें कि आप किसी के बैकअप हैं?
अगर कोई बार-बार इंटरेस्ट दिखाकर गायब हो जाता है, मिलने का प्लान बनाकर फिर उसे कैंसल कर देता है या रिलेशनशिप जैसे मुद्दे पर बात करने से बचता है, तो उसके इस व्यवहार पर ध्यान देना जरूरी है. ऐसे में खुद में उलझे रहने के बजाय सीधा सामने वाले से पूछ ले कि वो इस रिश्ते से क्या चाहता है.
किसी की पहली पसंद बनने के लिए आपको लगातार उसका ध्यान खींचने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. अगर कोई आपको सिर्फ अपने खाली वक्त में याद करता है, तो ये सोचने का वक्त है कि क्या आप भी उसे अपनी लाइफ में इतनी ही जगह देना चाहते हैं.