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3 लाख रुपये का iPhone Duo खरीदते ही टूटने लगी स्क्रीन? लॉन्च के कुछ दिन बाद उठे बड़े सवाल

ऐपल के पहले फोल्डेबल iPhone की मेन स्क्रीन टूटने को लेकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं. हालांकि स्क्रीन क्यों टूट रही है इसकी वजह से सामने नहीं आई है और ना ही हमने इन दावों को इंडिपेंडेंटली वेरिफाई किया है. ये रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे पोस्ट के आधार पर है.

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iPhone Duo
iPhone Duo

iPhone Duo Screen Crack: Apple के पहले फोल्डेबल आईफोन का इंतजार खत्म हुआ तो लोगों को उम्मीद थी कि कंपनी फोल्डेबल फोन की दुनिया में नया मानक बनाएगी. लेकिन बिक्री शुरू होने के कुछ ही दिनों में इस महंगे फोन की स्क्रीन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कुछ खरीदारों का दावा है कि फोन को कुछ ही बार खोलने और बंद करने के बाद उसकी अंदरूनी स्क्रीन पर दरारें आ गईं. कुछ लोगों ने स्क्रीन पर चमकती हुई लाइनें दिखने की भी शिकायत की है.

भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है. ऐसे में अगर इतने महंगे फोन की स्क्रीन शुरुआती इस्तेमाल में ही खराब होने लगे, तो खरीदारों की चिंता समझी जा सकती है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि फोन के डिजाइन में कोई बड़ी खामी है. शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन कितने फोन प्रभावित हैं और इसकी असली वजह क्या है, इस बारे में अब तक पूरी तस्वीर साफ नहीं हुई है.

कुछ ही बार खोलने पर स्क्रीन में दरार का दावा

iPhone Duo की बिक्री 23 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई. इसके बाद कुछ खरीदारों ने Reddit और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अपने फोन की स्क्रीन की तस्वीरें शेयर कीं. इनमें स्क्रीन के बीचोंबीच, जहां फोन मुड़ता है, वहां दरार या चमकती हुई लाइन नजर आ रही थी.

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एक खरीदार ने दावा किया कि फोन खरीदने के करीब छह घंटे के भीतर उसकी स्क्रीन खराब हो गई. उसके मुताबिक, उसने फोन को 20 बार से भी कम खोला और बंद किया था. फोन खोलते समय उसे हिंज यानी फोन को मोड़ने वाले हिस्से के पास कुछ असामान्य महसूस हुआ और फिर चटकने जैसी आवाज आई. इसके बाद स्क्रीन पर दरार दिखाई देने लगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस खरीदार को Apple Store पर फोन बदलकर दिया गया. दूसरे यूजर्स ने भी मिलती-जुलती तस्वीरें साझा कीं. कुछ मामलों में स्क्रीन पर हरी या चमकदार लाइनें दिखाई दीं, जबकि कुछ शिकायतों में फोन के बीच वाले हिस्से में नुकसान नजर आया.

लेकिन इन तस्वीरों और यूजर्स के दावों को समझते समय सावधानी जरूरी है. इंटरनेट पर साझा की गई हर तस्वीर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. कुछ तस्वीरों के स्टोर में रखे डेमो फोन से जुड़े होने की बात भी सामने आई है. इसलिए इन शिकायतों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हर iPhone Duo की स्क्रीन खराब हो रही है.

iFixit ने फोन खोलकर देखी संभावित वजह

फोन की मरम्मत और उसके अंदर के पुर्जों की जांच करने वाली वेबसाइट iFixit ने iPhone Duo को खोलकर इसकी बनावट का स्टडी किया. जांच में पता चला कि धूल के कण फोन के हिंज तक पहुंच सकते हैं. वहां मौजूद पुर्जों के बीच धूल फंसने से फोन को मोड़ते समय परेशानी हो सकती है और कुछ स्थितियों में स्क्रीन पर दबाव पड़ने का खतरा भी हो सकता है.

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iFixit ने स्क्रीन में दरार आने की कई मुमकिन वजहें बताईं. इनमें हिंज के किसी हिस्से का ठीक से अपनी जगह पर न जाना, स्क्रीन पर किसी छोटे कण का दबाव पड़ना, बार-बार मोड़ने से किसी खास हिस्से पर तनाव बढ़ना या मैन्युफैक्चरिंग में गड़बड़ी शामिल हैं.

फोन की बनावट में एक और अहम बात सामने आई. स्क्रीन के बीच वाले हिस्से में कई पुर्जे और सपोर्ट एक-दूसरे के करीब हैं. फोन बार-बार खुलने और बंद होने पर इसी जगह दबाव बढ़ सकता है. अगर हिंज का कोई हिस्सा सही तरह से काम नहीं करता, तो फ्लेक्सिबल स्क्रीन को नुकसान पहुंच सकता है.

क्या फोन की स्क्रीन में धूल जाने से टूट सकती है?

फोल्डेबल फोन में स्क्रीन के साथ हिंज की बनावट भी बेहद अहम होती है. फोन को हर बार खोलने और बंद करने पर स्क्रीन मुड़ती है और हिंज के कई हिस्से अपनी जगह बदलते हैं. ऐसे में धूल या कोई छोटा कण अगर गलत जगह पहुंच जाए, तो वह किसी हिस्से पर दबाव डाल सकता है.

iFixit की जांच में iPhone Duo के हिंज में धूल पहुंचने के संकेत मिले. इससे यह सवाल जरूर उठता है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल, खासकर धूल वाली जगहों पर, फोन कितना सुरक्षित रह पाएगा. लेकिन सिर्फ धूल का हिंज तक पहुंचना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उसी वजह से सभी स्क्रीन में दरारें आ रही हैं.

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स्क्रीन टूट गई तो कितना खर्च आएगा?

यह इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है. भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है. फोन की अंदरूनी स्क्रीन बदलने का अनुमानित खर्च वारंटी से बाहर होने पर 1,49,900 रुपये तक हो सकता है. यानी स्क्रीन बदलने में फोन की शुरुआती कीमत का लगभग आधा खर्च हो सकता है.

हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर खराब स्क्रीन पर ग्राहक को इतनी रकम देनी पड़े. अगर जांच में खराबी सामान्य इस्तेमाल के दौरान हुई मैन्युफैक्चरिंग समस्या पाई जाती है, तो फोन की एक साल की सीमित वारंटी के तहत मरम्मत या बदलाव का लाभ मिल सकता है. दूसरी ओर, गिरने, दबाव पड़ने या गलत इस्तेमाल से हुए नुकसान को कंपनी अलग तरीके से देख सकती है.

 

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