घर के फर्श से लेकर दीवारों तक को साफ करने के साथ ही छत पर रखी पानी की टंकी की सफाई करना भी बहुत जरूरी होता है. लोग कुछ महीनों के गैप पर टंकी साफ करवाते हैं, ताकि उसमें जमा मिट्टी, काई और गंदगी निकल जाए और घर में साफ पानी पहुंचे. लेकिन कई बार टंकी की अच्छी तरह सफाई कराने के बाद भी नल खोलते ही पानी से अजीब सी बदबू आने लगती है. ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि आखिर परेशानी कहां है.
दरअसल, हर बार पानी की बदबू के पीछे गंदी टंकी ही जिम्मेदार नहीं होती. कई बार घर की पाइपलाइन, वॉटर फिल्टर, गीजर या सिंक के ड्रेन में जमा गंदगी भी इसकी वजह बन सकती है. ऐसे में बार-बार टंकी साफ करवाने के बजाय बदबू की असली वजह पहचानना जरूरी है. आइए जानते हैं कि टंकी साफ होने के बाद भी पानी से बदबू क्यों आती है और इसे दूर करने के लिए क्या करना चाहिए.
पाइप में जमा पुराना पानी बन सकता है बदबू की वजह
कई बार टंकी साफ होने के बाद भी पाइपलाइन में पुराना पानी जमा रह जाता है. लंबे समय तक पानी रुका रहने से उसमें बासीपन या सीलन जैसी महक आ सकती है. ऐसे में घर के सभी नलों को कुछ देर खुला छोड़ दें, ताकि पाइप में जमा पुराना पानी बाहर निकल जाए. इसके बाद भी बदबू बनी रहे, तो पाइपलाइन चेक करवाएं.
गर्म पानी से आ रही है सड़े अंडे जैसी बदबू?
अगर ठंडे पानी में बदबू नहीं है, लेकिन गर्म पानी से सड़े अंडे जैसी महक आती है, तो इसकी वजह गीजर हो सकता है. वॉटर हीटर में लंबे समय तक पानी जमा रहने और सफाई न होने से सल्फर बैक्टीरिया पनप सकते हैं. इससे पानी में तेज बदबू आने लगती है. ऐसी कंडीशन में गीजर की सफाई और सर्विसिंग करवाना सही रहता है.
कहीं पानी नहीं, सिंक का ड्रेन तो नहीं दे रहा बदबू?
कई बार सिंक या वॉशबेसिन के पास बदबू आने पर लगता है कि पानी गंदा है, जबकि असली वजह ड्रेन में जमा गंदगी हो सकती है. सिंक की नाली में साबुन, तेल और खाने के टुकड़े जमा होने से बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं.
इसकी पहचान के लिए एक गिलास में नल का पानी भरकर सिंक से दूर ले जाएं और उसकी महक भी सूंघकर देखें. अगर पानी से बदबू नहीं आती, तो समस्या ड्रेन में हो सकती है. वहीं, गिलास के पानी से भी बदबू आए, तो सप्लाई को चेक करवाएं.
टंकी साफ करवाई, लेकिन वॉटर फिल्टर को भूल गए?
टंकी की सफाई के साथ वॉटर फिल्टर की देखभाल भी जरूरी है. लंबे समय तक फिल्टर न बदलने पर उसमें गंदगी और कई ऑर्गेनिक पदार्थ जमा हो सकते हैं, जिससे पानी का स्वाद और महक खराब हो सकती है. इसलिए आरओ या दूसरे वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम के फिल्टर को कंपनी के इंस्ट्रक्शंस के मुताबिक समय पर बदलवाते रहें.
पानी में मिट्टी या सीलन जैसी महक आने की एक और वजह
कई बार टंकी और पाइपलाइन साफ होने के बाद भी पानी में मिट्टी या तालाब जैसी महक आती है. इसकी वजह पानी की सप्लाई का सोर्स हो सकता है. नदी या झील जैसे सोर्स में शैवाल और ऑर्गेनिक पदार्थ बढ़ने से पानी के स्वाद और महक में बदलाव आ सकता है. अगर अचानक पानी की महक बदल जाए, तो स्थानीय जल विभाग को इसकी जानकारी दें और पानी की क्वालिटी को चेक करवाएं.
पानी की बदबू दूर करने के लिए कौन सा फिल्टर है बेहतर?
पानी से बदबू आने की वजह पता चलने के बाद ही सही फिल्टर या ट्रीटमेंट को सिलेक्ट करना चाहिए. हर तरह की महक के लिए एक ही फिल्टर काम नहीं करता.
एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर: पानी में मौजूद कई ऑर्गेनिक पदार्थों और क्लोरीन जैसी चीजों को कम करने में मदद कर सकता है. इससे पानी की खराब महक और स्वाद में सुधार हो सकता है.
आरओ फिल्टर: रिवर्स ऑस्मोसिस सिस्टम पानी में मौजूद कई घुले हुए दूषित पदार्थों को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, हर तरह की बदबू के लिए सिर्फ आरओ नहीं है.
ग्रीन्सैंड फिल्टर: अगर पानी में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस की वजह से सड़े अंडे जैसी गंध आ रही है, तो ये फिल्टर काम का साबित हो सकता है. यह गैस को ऑक्सीडाइज करके ऐसे कणों में बदलने में मदद करता है, जिन्हें बाद में फिल्टर किया जा सकता है.
डीगैसिफायर: पानी में मौजूद हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों को बाहर निकालने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.