Uttarakhand Urad Dal Chaunsa Recipe: पहाड़ों की गोद में बसे उत्तराखंड का खान-पान जितना सिंपल है, उतना ही सेहत और स्वाद से भरपूर भी. यहां के खानों में न तो भारी-भरकम मसालों का तामझाम होता है और न ही ज्यादा तेल का इस्तेमाल होता है. नेचर की सादगी और शुद्धता ही पहाड़ी खाने की सबसे बड़ी पहचान है. इन्हीं पारंपरिक डिशेज में से एक बेहद खास डिश है, उड़द दाल का चौंसा.
गढ़वाल और कुमाऊं, दोनों ही इलाकों में यह दाल बड़े चाव से बनाई और खाई जाती है. बॉलीवुड एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी से लेकर सभी उत्तराखंड मूल के स्टारस अक्सर अपने इंटरव्यूज में इस पारंपरिक डिश को लेकर अपनी पसंद का जिक्र कर चुके हैं. सबसे खास बात यह है कि लंच में जब सिंपल दाल-सब्जी खाने का मन ना हो तो आप इसे बना सकते हैं, इसका अलग स्वाद आपके घरवालों को भी बहुत अच्छा लगेगा.
क्यों खास है 'उड़द का चौंसा'?
पहाड़ी डिशेज की खासियत यह है कि यहां दालों को सिर्फ उबाला नहीं जाता, बल्कि उन्हें भूनकर या दरदरा पीसकर पकाया जाता है. चौंसा शब्द का संबंध दाल को भूनने और घोंटने की प्रक्रिया से है. जब भुनी हुई दाल से सोंधी खुशबू उठती है, तो वह पूरे घर को अपनी महक से खिल उठता है.
हेल्थ के लिए भी हैं बेस्ट
उड़द की दाल प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर होती है. पहाड़ों की कड़कड़ाती ठंड में यह शरीर को अंदरूनी गर्माहट और एनर्जी देने का काम करती है. इसके साथ ही इसे खासतौर पर लोहे की कड़ाही में बनाया जाता है, जिसकी वजह से कई गुना ज्यादा हेल्दी बन जाती है.
उड़द का चौंसा के लिए आवश्यक सामग्री
बनाने की विधि
दाल तैयार करना: सबसे पहले भीगी हुई उड़द दाल का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें. अब मिक्सी या सिलबट्टे पर दाल, हरी मिर्च और अदरक को डालकर दरदरा पीस लें. ध्यान रहे कि पानी का इस्तेमाल न करें या बहुत ही कम करें, ताकि पेस्ट पतला न हो. इस पेस्ट में नमक और हल्दी मिलाकर हाथ से 2 मिनट अच्छी तरह फेंट लें.
भूनने और पकाने का तरीका: एक भारी तले की कड़ाही में सरसों का तेल या घी गर्म करें. तेल से धुआं निकलने लगे, तो उसमें हींग और जीरे का तड़का लगाएं. अब तैयार दाल का दरदरा मिक्सर कड़ाही में डालें. धीमी से मिडियम आंच पर इसे लगातार चलाते हुए भूनें.
शुरुआत में दाल कड़ाही में चिपकेगी, लेकिन जैसे-जैसे यह भुनेगी, दानेदार और हल्की होने लगेगी. लगभग 12 से 15 मिनट तक भूनने के बाद जब दाल का कच्चापन खत्म हो जाए और उसमें से बेहतरीन सोंधी खुशबू आने लगे, तब इसमें धीरे-धीरे गुनगुना पानी मिलाएं. दाल को अच्छी तरह उबलने दें ताकि यह गाढ़ी और मलाईदार हो जाए.
आखिर में जब चौंसा सही गाढ़ापन पकड़ ले, तब गैस बंद कर दें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और एक चम्मच शुद्ध देसी घी डालें.
इस तरीके से करें सर्व
उड़द दाल का चौंसा को आप गरमागरम चावल और मंडुवे की रोटी के साथ परोसे. इन दोनों के साथ में इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. उड़द की नॉर्मल दाल से इसका टेस्ट बिल्कुल अलग होता है और यह गाढ़ी होती है, इसलिए इसे रोटी के साथ भी आप आराम से खा सकते हैं.