बारिश का मौसम हो या शाम की चाय, गरम-गरम भजिया और पकोड़े किसे पसंद नहीं आते. लेकिन अक्सर घर पर बनाए गए कांदा भजिया ठेले या बाजार जैसे क्रिस्पी नहीं बनते. क्या आप भी इसी समस्या से परेशान हैं. अगर हां तो अब फिक्र छोड़िए. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं ऐसी टिप्स, जिससे आपके कांदा भजिया न सिर्फ टेस्टी बनेंगे, बल्कि उनका कुरकुरापन आपको ठेले की याद दिला देगा. वो एक सीक्रेट चीज है चावल का आटा.
बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा मिलाकर आप बिल्कुल बाजार जैसा परफेक्ट टेक्सचर पा सकते हैं. आइए जानते हैं इस क्रिस्पी कांदा भजिया की आसान रेसिपी.
ठेले जैसे क्रिस्पी और टेस्टी कांदा भजिया
प्याज (लंबा कटा हुआ): 3 बड़े (लंबी स्लाइस में कटा हुआ)
बेसन: 1 कप
चावल का आटा: 3 बड़े चम्मच (लगभग 1/4 कप)
अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच
हरी मिर्च (बारीक कटी हुई): 2-3 (स्वादानुसार)
हरा धनिया (बारीक कटा हुआ): 1/4 कप
हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच
अजवाइन : 1/2 छोटा चम्मच
नमक: स्वादानुसार
पानी: आवश्यकतानुसार
तेल: तलने के लिए
बनाने का तरीका
सबसे पहले कटे हुए प्याज को एक बड़े बाउल में लें. उसमें नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. 10 मिनट के लिए छोड़ दें. प्याज पानी छोड़ देगा, जिससे भजिया ज्यादा क्रिस्पी बनेंगे.
अब प्याज वाले बाउल में अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, हरा धनिया, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और अजवाइन डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
अब इस मिश्रण में बेसन और चावल का आटा मिलाएं. चावल का आटा ही वह सीक्रेट चीज है जो इसे ठेले जैसा कुरकुरा बनाएगा.
सभी चीजों को हाथ से मसलते हुए मिलाएं ताकि प्याज के स्लाइस पर बेसन अच्छी तरह चिपक जाए. अगर जरूरत लगे तो ही 1-2 चम्मच पानी डालें. ठेले वाले भजिया का बैटर पतला नहीं होता.
एक कड़ाही में तेल गरम करें. हाथ से बैटर का छोटा-छोटा हिस्सा लेकर तेल में डालें. भजिया का आकार एक जैसा रखने की जरूरत नहीं है.
भजिया को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक तलें.
तैयार भजिया को किचन टॉवल पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल सोख ले. इसे हरी चटनी, इमली की चटनी या शाम की चाय के साथ गरम-गरम सर्व करें.
भजिया बनेंगे और भी क्रिस्पी
भजिया को एक्स्ट्रा क्रिस्पी बनाने के लिए आप तेल में चुटकी भर बेकिंग सोडा भी मिला सकते हैं. भजिया तलते समय आंच बहुत धीमी या बहुत तेज न रखें. धीमी आंच पर वो तेल सोख लेंगे और तेज आंच पर बाहर से जल जाएंगे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे.