Running Speed and Fitness: उम्र के साथ आपकी दौड़ने की स्पीड बदल जाती है और यह आपकी फिटनेस के बारे में बता सकती है. दरअसल, भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन फिटनेस को मापने का एक बेहद आसान और भरोसेमंद तरीका 'एक मील यानी 1.6 किलोमीटर की दौड़' है. रिसर्च के मुताबिक, उम्र और जेंडर के आधार पर दौड़ने की स्पीड आपकी कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ और स्टैमिना का एक सटीक पैमाना मानी जाती है.
यह न सिर्फ आपके दिल की मजबूती को दर्शाता है बल्कि आपकी ओवरऑल लाइफस्टाइल भी बताता है. यदि आप निर्धारित स्पीड से नहीं दौड़ पा रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपको इस और ध्यान देने की जरूरत है.
उम्र के साथ बदलती है रनिंग स्पीड
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिटनेस लेवल सिर्फ आपकी उम्र या जेंडर पर निर्भर नहीं करता बल्कि यह इस पर भी निर्भर करता है कि आप कितनी नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं.
मेडिकल न्यूज टुडे के आंकड़ों के अनुसार, उम्र के साथ दौड़ने की स्पीड में बदलाव आना स्वाभाविक है इसलिए नीचे बताई हुई लिस्ट के मुताबिक आपको 1 मील यानी 1.6 किलोमीटर की दूरी तय सीमा में पूरी करनी चाहिए. यह डेटा केवल एक बेंचमार्क है, जिसे रेगुलर ट्रेनिंग और सही डाइट से किसी भी उम्र में सुधारा जा सकता है.
17–21 वर्ष: पुरुष 3:15 मिनट, महिलाएं 3:54 मिनट
22–26 वर्ष: पुरुष 3:15 मिनट, महिलाएं 3:54 मिनट
27–31 वर्ष: पुरुष 3:19 मिनट, महिलाएं 3:57 मिनट
32–36 वर्ष: पुरुष 3:19 मिनट, महिलाएं 3:58 मिनट
37–41 वर्ष: पुरुष 3:24 मिनट, महिलाएं 4:15 मिनट
42–46 वर्ष: पुरुष 3:31 मिनट, महिलाएं 4:21 मिनट
47–51 वर्ष: पुरुष 3:36 मिनट, महिलाएं 4:24 मिनट
52–56 वर्ष: पुरुष 3:40 मिनट, महिलाएं 4:45 मिनट
56–61 वर्ष: पुरुष 3:49 मिनट, महिलाएं 4:55 मिनट
(नोट: यह कैलकुलेशन सिर्फ गणित के हिसाब से है. दौड़ने की असली क्षमता आपकी स्टैमिना और ट्रेनिंग पर डिपेंड करती है इसलिए जो रिजल्ट आएगा, वह हर इंसान के लिए थोड़ा अलग हो सकता है.)
क्या कहता है ऊपर की लिस्ट में दिया गया रनिंग टाइम?
यदि आप अपनी फिटनेस को चेक करना चाहते हैं तो एक फ्लैट ट्रैक या पार्क में 1.6 किमी दौड़ने का टाइम नोट करें. मेयो क्लीनिक के अनुसार, यदि आप तय की गई उम्र के हिसाब से इस दूरी को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप अनफिट हैं बल्कि यह एक इशारा है कि आपके कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को थोड़ा और सपोर्ट चाहिए. दौड़ना आपके हार्ट मसल्स को मजबूत करता है, लंग कैपेसिटी बढ़ाता है और रेस्टिंग हार्ट रेट को कम करने में मदद करता है.
दौड़ न पाना, क्या कोई गंभीर संकेत है?
अगर आप 1.6 किमी दौड़ने में असमर्थ हैं या बहुत ज्यादा हांफने लगते हैं तो यह सीधे तौर पर किसी बीमारी का संकेत नहीं है बल्कि यह आपकी बॉडी की कम एंड्यूरेंस और कमजोर एरोबिक कंडीशनिंग हो सकती है.
द लाइफटाइम एथलीट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह समस्या अक्सर सुस्त लाइफस्टाइल या वजन बढ़ने की वजह से होती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि आप किसी भी उम्र में इसे बेहतर कर सकते हैं.