Nana Patekar First Love: नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 75 साल की उम्र में उन्होंने गोवा में अंतिम सांस ली. उनके निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है. एक्टर के निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को भावुक कर दिया है. नाना ने पर्दे पर जितने बेबाक और दमदार किरदार निभाए, असल जिंदगी में भी उनकी बातें उतनी ही सीधी और दिलचस्प रहीं. खासकर जब उनसे उनकी निजी जिंदगी या प्यार को लेकर कोई सवाल पूछा जाता, तो उनका जवाब अक्सर बाकी सितारों से बिल्कुल अलग होता था.
ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा उस वक्त सामने आया था, जब अभिनेता अनिल कपूर ने नाना पाटेकर से पूछा था कि उन्हें पहली बार प्यार कब हुआ था. सवाल भले ही आम था, लेकिन नाना का जवाब बेहद खास था. उन्होंने किसी अभिनेत्री का नाम लेने के बजाय अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और कहा था कि उनका पहला प्यार रोटी थी. जी हां, नाना पाटेकर का पहला प्यार कोई लड़की या उनकी पत्नी नहीं, बल्कि रोटी थी.
टीनएज में हुआ था 'रोटी' से पहला प्यार
अनिल कपूर ने नाना से पूछा था कि वो जब टीनएज में थे, तब उनका पहला प्यार कौन था. इस पर नाना पाटेकर ने मजाकिया लेकिन बेहद गहरी बात कही थी. उन्होंने बताया था कि उस उम्र में उन्हें रोटी से प्यार हो गया था.
उनका ये जवाब सुनने में भले ही मजेदार लगे, लेकिन इसके पीछे नाना की जिंदगी का संघर्ष छिपा था. उनका बचपन आसान नहीं था और उन्होंने कम उम्र में ही मुश्किलों को करीब से देखा था. ऐसे में उनके लिए रोटी सिर्फ खाना नहीं, बल्कि जिंदगी की जरूरत और संघर्ष का हिस्सा भी थी.
इसके बाद जब बातचीत लड़की से प्यार की तरफ बढ़ी, तो नाना पाटेकर ने किसी अभिनेत्री या अपने किसी पुराने अफेयर का जिक्र नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में जो पहली लड़की आई और जिससे उनकी शादी हुई, वही उनकी जिंदगी की पहली लड़की थीं.
नाना की 'पहली मोहब्बत' यानी रोटी को ऐसे बनाएं सॉफ्ट
नाना की यह बात सुनने में मजेदार जरूर लगती है, लेकिन रोटी भारतीय घरों के खाने का ऐसा हिस्सा है, जिससे लगभग हर किसी की कोई न कोई याद जुड़ी होती है. और अगर रोटी गर्म, नरम और फूली-फूली हो तो साधारण सी सब्जी भी ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगती है.
घर में रोटी बनाते समय सबसे बड़ी शिकायत यही रहती है कि कुछ देर बाद रोटियां सख्त हो जाती हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आटा गूंथने के तरीके पर ध्यान दें. आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ढीला. इसे गूंथने के बाद करीब 10 से 15 मिनट ढककर रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और रोटियां नरम बनती हैं.
आटा गूंथते समय रखें इस बात का ध्यान
रोटी को सॉफ्ट बनाने के लिए आटे में धीरे-धीरे पानी डालकर उसे गूंथें. रोटी को मुलायम बनाने के लिए उसे गूंथने के लिए थोड़े दूध का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. आटे को हथेली से अच्छी तरह मसलते हुए चिकना करें. आखिर में हाथ पर थोड़ा सा पानी लगाकर आटे को दोबारा गूंथने से इसकी सतह स्मूद हो जाती है.
बेलते समय ज्यादा सूखा आटा न लगाएं
रोटी बेलते समय जरूरत से ज्यादा सूखा आटा लगाने से भी रोटी बाद में सख्त हो सकती है. इसलिए जितनी जरूरत हो उतना ही आटा लगाएं. रोटी को बहुत पतला या बहुत मोटा बेलने के बजाय एकसार मोटाई में बेलना बेहतर रहता है.
तवे पर ज्यादा देर रखने की गलती न करें
रोटी को तवे पर जरूरत से ज्यादा देर तक सेंकने से उसका पानी सूख सकता है और वह कड़क हो जाती है. इसलिए सही समय पर रोटी को पलटें और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेकें. गैस पर फुलाने के बाद इसे तुरंत कपड़े या रोटी रखने वाले डिब्बे में रखें, ताकि उसकी नमी बनी रहे.