Japanese Trick To Clean Toilet: घर की सफाई करते समय अक्सर लोग फर्श, किचन और फर्नीचर पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन टॉयलेट की सफाई अक्सर आखिरी नंबर पर आती है. ऊपर से टॉयलेट कितना भी साफ क्यों न कर लें, कुछ दिनों बाद टॉयलेट सीट पर पीली-भूरी परत और अंदर रिम के नीचे काली गंदगी नजर आने लगती है. कई लोग इसे हटाने के लिए बार-बार तेज केमिकल वाले क्लीनर या ब्लीच का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये समस्या कुछ दिन बाद फिर से दिखाई देने लगती है.
टॉयलेट सीट पर जमी गंदगी अलग-अलग तरह की होती है. ऐसे में हर तरह की गंदगी पर एक ही क्लीनर इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है. अगर आप भी टॉयलेट सीट के बार-बार गंदे होने से परेशान हैं और वो ढंग से साफ नहीं हो पा रही है, तो अब टेंशन छोड़ दें. आज हम आपको टॉयलेट साफ करने का एक आसानी जापानी तरीका बताने वाले हैं. जापान की टॉयलेट सीट्स भी हमेशा शीशे की तरह चमकती रहती हैं. इसके पीछे टॉयलेट की सफाई को लेकर अपनाई गई एक आसान आदत होती है, जिसमें रोजाना थोड़ी सफाई और जरूरत पड़ने पर सिरके का इस्तेमाल किया जाता है. इससे गंदगी को लंबे समय तक जमा होने का मौका ही नहीं मिलता.
पहले समझिए, टॉयलेट में पीली परत बनती क्यों है?
पानी की सतह के आसपास बनने वाली पीली या भूरी परत को देखकर अक्सर लगता है कि ये गंदगी या बैक्टीरिया है. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं. अगर आपके घर में हार्ड वॉटर आता है, तो उसमें मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम पानी के लंबे समय तक जमा रहने पर सतह पर लेयर बना सकते हैं. धीरे-धीरे यही लेयर मोटी और सख्त होती जाती है. इसे लाइमस्केल या मिनरल डिपॉजिट कहा जाता है.
यही कारण है कि केवल ब्लीच डालने या ब्रश से रगड़ने से ये पीली जमी लेयर पूरी तरह नहीं जाती है.
रिम के नीचे जमा काली गंदगी अलग है
टॉयलेट के रिम के नीचे की काली परत का मामला थोड़ा अलग होता है. वहां पानी और रोशनी दोनों कम पहुंचती हैं. ऐसे में मिनरल डिपॉजिट के साथ नमी, बैक्टीरिया, फफूंद और क्लीनर के बचे हुए कण वहां जमा होते रहते हैं. समय के साथ ये परत मोटी और काली दिखाई देने लगती है. इसलिए पानी की लाइन और रिम के नीचे की गंदगी को हटाने के लिए एक ही तरीका इस्तेमाल करना सही नहीं होता है.
क्या है टॉयलेट चमकाने का जापानी तरीका?
लाइमस्केल जैसी मिनरल परत को हटाने के लिए एसिडिक चीज ज्यादा अच्छी साबित होती है. सफेद सिरके में एसिटिक एसिड होता है, जो कैल्शियम कार्बोनेट वाली मिनरल परत के साथ रिएक्शन करके उसे ढीला करने में मदद करता है. जापान में टॉयलेट की सफाई के लिए ज्यादातर सफेद सिरके का इस्तेमाल किया जाता है.
पानी की लाइन के लिए ऐसे करें इस्तेमाल
अगर टॉयलेट में कुछ हफ्तों या कुछ महीनों से हल्की परत जमी है, तो कटोरे में करीब एक कप सफेद सिरका डाल सकते हैं. इसके बाद एक कपड़ा या पेपर टॉवल सफेद सिरके में भिगोकर रिम के नीचे उस जगह पर लगाएं, जहां परत जमा है. इसे करीब 30 मिनट तक लगा रहने दें.
इसके बाद टॉयलेट ब्रश से हल्के हाथों से सफाई करें और फ्लश कर दें. जोर-जोर से रगड़ने के बजाय पहले सिरके को परत पर काम करने का समय देना ज्यादा जरूरी है.
कई महीनों पुरानी परत है तो 2-3 बार में दिखेगा असर
अगर टॉयलेट में कई महीनों या सालों से मोटी परत जमा है, तो सिर्फ 30 मिनट के एक ट्रीटमेंट से पूरी गंदगी हटना मुमकिन नहीं है. ऐसी कंडीशन में इस प्रोसेस को अगले 2-3 दिनों तक रिपीट किया जा सकता है. हर बार जिद्दी जमी पीली परत थोड़ी और ढीली होगी और धीरे-धीरे टॉयलेट का सरफेस साफ होने लगेगा.
सिरका और ब्लीच कभी साथ न मिलाएं
ये बात जरूर याद रखें. सिरके को ब्लीच के साथ कभी मिक्स न करें. सिरका एसिडिक होता है और ब्लीच में क्लोरीन बेस्ड केमिकल होते हैं. दोनों को मिलाने पर जहरीली क्लोरीन गैस निकल सकती है, जिससे आंखों और सांस की नली में जलन जैसी गंभीर परेशानी हो सकती है. इसलिए अगर अलग-अलग समय पर दोनों प्रोडक्ट इस्तेमाल करने हों, तो पहले वाले क्लीनर को अच्छी तरह फ्लश करके बाथरूम को हवादार करें. सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि इन्हें कभी भी एक साथ न मिलाएं.
जापान में लोग रोजाना करते हैं थोड़ी-थोड़ी सफाई
जापानी सफाई के तरीके की खास बात ये है कि जोरदार डीप क्लीनिंग के बजाय रोजाना थोड़ी सफाई पर जोर दिया जाता है. टॉयलेट ब्रश से रोज या एक दिन छोड़कर करीब 30 सेकंड हल्की सफाई करने से नई जमा हुई परत को सख्त होने से पहले हटाने में मदद मिल सकती है. हफ्ते में एक बार थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका डालकर कुछ देर छोड़ना भी मिनरल जमा होने की समस्या को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है.
महंगे क्लीनर से ज्यादा जरूरी है सही चीज और सही तरीका
टॉयलेट की सफाई में सबसे बड़ी गलती ये है कि हर दाग को सिर्फ 'गंदगी' समझ लिया जाता है. पानी की लाइन की मिनरल परत, रिम के नीचे की गंदगी और सामान्य दागों को अलग-अलग समझना जरूरी है.
सही तरीका अपनाने पर आपको हर बार ज्यादा केमिकल, ज्यादा स्क्रबिंग और ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ेगी. खासकर अगर आपके घर में हार्ड वॉटर की समस्या है, तो नियमित सफाई पर ध्यान देना जिद्दी लाइमस्केल को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है.