Tulsi Growing Tips: ज्यादातर भारतीय घरों में तुलसी का पौधा जरूर लगाया जाता है. हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीया माना जाता है, वहीं ये औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है. ऐसे में अक्सर लोग अपने घरों में तुलसी का पौधा लगाते हैं. ये हरा-भरा पौधा देखने में भी बहुत ही सुंदर लगता है. हालांकि, कई लोगों की शिकायत रहती है कि घर में लगा तुलसी का पौधा पहले की तरह हरा-भरा नहीं दिख रहा, उसकी ग्रोथ रुक गई है और पत्तियां भी कम निकल रही हैं.
अगर आपके घर में लगे तुलसी के पौधे में भी इस तरह की समस्या देखने को मिल रही है, तो अब चिंता छोड़ दीजिए. मॉनसून का मौसम तुलसी को नई जान देने का सबसे अच्छा समय माना जाता है. माली के बताए कुछ आसान उपाय अपनाकर आप महज 7 से 10 दिनों में छोटे से तुलसी के पौधे को भी पहले से ज्यादा घना और हरा-भरा बना सकते हैं. इसके लिए बस सही समय पर छंटाई करनी है और मिट्टी में एक खास सफेद पाउडर डालना है. आइए जानते हैं तुलसी को पहले की तरह हरा-भरा बनाने का पूरा तरीका.
मॉनसून में क्यों तेजी से बढ़ती है तुलसी?
मॉनसून तुलसी के बढ़ने, हरा-भरा होने और साथ ही नया पौधा लगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. दरअसल, बारिश के मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहती है और टेंपरेचर भी तुलसी के पौधे के लिए बिल्कुल अनुकूल होता है. ऐसे में पौधे की जड़ें तेजी से बढ़ती हैं और नई शाखाएं निकलने लगती हैं. अगर आपको घर में नई तुलसी लगानी है, तो यही सबसे अच्छा समय है.
मंजरी से आसानी से तैयार करें नए पौधे
अगर आपके घर में लगे तुलसी के पौधे में मंजरी (तुलसी के पौधे में निकलने वाली फूल वाली डंडी) निकल रही है और वो पककर बुरी तरह से तैयार हो गई है, तो आप उससे नया पौधा उगा सकते हैं. पकी हुई मंजरी के बीजों को मिट्टी में हल्के से छिड़क दें. अगर गमले की मिट्टी सूखी है, तो उसे पानी डालकर गीला कर लें. लेकिन ध्यान रखें ज्यादा पानी नहीं डालना है. हालांकि, अगर मिट्टी बरसात के कारण पहले से गिली है, तो पानी डालने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.
मिट्टी में बीज छिड़कने के कुछ दिनों बाद आप देखेंगे कि छोटे-छोटे पौधे निकलने लगेंगे. ध्यान रखें कि बहुत तेज बारिश में छोटे पौधों को शेड या ऐसी जगह रखें, जहां उन पर सीधे बारिश का ज्यादा असर न पड़े.
4 से 6 इंच का होते ही करें पिंचिंग
अगर तुलसी का पौधा 4 से 6 इंच का हो गया है, तो उसकी सबसे ऊपर वाली कोमल/मुलायम पत्तियों को उंगलियों से हल्का-सा तोड़ दें. इसे प्रोसेस को पिंचिंग कहा जाता है. इससे पौधा सिर्फ ऊपर की ओर बढ़ने के बजाय चारों तरफ नई शाखाएं निकालने लगता है. ऐसा करने के करीब एक हफ्ते से 10 दिनों में पौधा पहले से ज्यादा घना नजर आने लगता है.
मंजरी दिखते ही हटा दें
जब तुलसी के पौधे में मंजरी आने लगती है, तो पौधा अपनी सारी एनर्जी और पोषक तत्व बीज बनाने में लगाने लगता है. इसकी वजह से नई पत्तियां और शाखाएं कम निकलती हैं. इसलिए जैसे ही आपको हरी मंजरी दिखाई दे, तो उसे समय रहते काट दें. अगर बीज चाहिए, तो कुछ मंजरी को पकने दें और बाद में उनके बीज इस्तेमाल करें.
खाद डालने से पहले मिट्टी की करें तैयारी
किसी भी खाद को पौधे में डालने का फायदा तभी मिलता है, जब मिट्टी पूरी तरह से तैयार हो. मिट्टी को तैयार करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.
गमले में उगी घास और सूखी पत्तियां हटा दें और मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर दें. इससे जड़ों तक हवा पहुंचती है और पौधा पोषक तत्व आसानी से सोख पाता है.
गुड़ाई के बाद डालें ये 1 सफेद पाउडर
पौधे की गुड़ाई करने के बाद मिट्टी में एक चौथाई चम्मच एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt) डालें. इसमें मौजूद मैग्नीशियम और सल्फर तुलसी की पत्तियों को हरा-भरा रखने में मदद करते हैं.
इसके साथ आप आधा चम्मच नीम खली डाल सकते हैं, जिससे तुलसी के पौधे में फंगस और कीड़ों का खतरा कम होता है. साथ ही आधा चम्मच सूखी इस्तेमाल की हुई चायपत्ती मिलाने से मिट्टी को अक्स्ट्रा पोषण मिलता है. इन सभी चीजों को मिट्टी में मिलाकर हल्की गुड़ाई करें और फिर पानी दें.
खाद डालते समय इन बातों का रखें ध्यान
क्या सच में 10 दिन में घना हो जाएगा पौधा?
अगर तुलसी का पौधा हेल्दी है, उसे सही धूप मिल रही है, पानी सही मात्रा में दिया जा रहा है और समय पर पिंचिंग की गई है, तो करीब 7 से 10 दिनों में पौधे से नई शाखाएं निकलना शुरू हो सकती हैं. हालांकि, पौधे की बढ़त उसकी उम्र, देखभाल और मौसम पर भी निर्भर करती है.