
How To Grow Lauki At Home: गर्मियों के मौसम में लौकी की सब्जी, रायता और हल्की-फुल्की डिश लगभग हर घर में बनती है. लेकिन क्या हो अगर हर बार बाजार से लौकी खरीदने की जरूरत ही न पड़े? अगर आपके घर में थोड़ी-सी खुली जगह, बालकनी, छत या आंगन है, तो आप वहीं गमले में लौकी की बेल आसानी से उगा सकते हैं. खास बात ये है कि लौकी का पौधा ज्यादा जगह नहीं मांगता, बस उसकी बेल को ऊपर चढ़ने के लिए सही सहारा मिलना चाहिए.
सही मिट्टी, अच्छी धूप, समय पर पानी और थोड़ी-सी खाद के साथ लौकी की बेल तेजी से बढ़ने लगती है. जैसे-जैसे बेल फैलती है, उस पर फूल और फिर छोटी-छोटी लौकियां नजर आने लगती हैं. यानी घर की छोटी सी जगह भी आपके लिए लौकी के खेत में बदल सकती है. इसके लिए न तो बड़े गार्डन की जरूरत है और न ही गार्डनिंग का बहुत ज्यादा एक्सपीरियंस. बस बीज लगाने से लेकर बेल की देखभाल तक कुछ आसान बातों का ध्यान रखना होगा, जिसके बाद आप घर पर ही ताजी लौकी उगा सकते हैं. चलिए जानते हैं क्या है सही तरीका.
सबसे पहले सही जगह चुनें
लौकी की बेल होती है. ऐसे में उसको बढ़ने के लिए अच्छी रोशनी चाहिए. इसलिए गमला ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना करीब 6 से 8 घंटे धूप मिल सके. बालकनी, छत या घर की ऐसी खुली जगह इसके लिए बेहतर रहेगी जहां धूप अच्छी आती हो.
साथ ही मिट्टी बहुत ज्यादा सख्त न हो. ऐसी मिट्टी लें जिसमें पानी आसानी से निकल सके और ऑर्गेनिक खाद मौजूद हो. अगर गमले में पानी रुकेगा, तो लौकी की बेल की जड़ें खराब हो सकती हैं.
बीज बोने से पहले करें ये छोटा सा काम
लौकी के बीज सीधे मिट्टी में डालने के बजाय उन्हें पहले रातभर पानी में भिगो दें. इससे बीज को अंकुरित होने में मदद मिलती है.
अगले दिन गमले की मिट्टी में करीब 1 से 2 इंच गहराई में 2-3 बीज बो सकते हैं. मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें. आमतौर पर करीब 7 से 14 दिनों में छोटे पौधे दिखाई देने लगते हैं. जब पौधे निकल आएं तो उनमें से सबसे मजबूत पौधा रखें.

लौकी की बेल को जमीन पर न फैलने दें
लौकी की बेल तेजी से लंबी होती है. इसलिए पौधा थोड़ा बड़ा होते ही उसे ऊपर चढ़ने के लिए जाली, बांस या रस्सी का सहारा दें.
इससे बेल को बढ़ने के लिए सही जगह मिलेगी और लौकी जमीन के कॉन्टैक्ट में आने से बचेगी. जमीन पर पड़ी रहने के मुकाबले बेल को ऊपर चढ़ाना फल को बेहतर तरीके से बढ़ने में भी मदद कर सकता है.
पानी देते समय ये गलती न करें
लौकी के पौधे को नमी पसंद है, इसलिए मिट्टी पूरी तरह सूखने न दें. लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि रोज इतना पानी डाल दें कि गमले में पानी ही जमा रहने लगे. जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तो जरूरत के हिसाब से पानी दें. किसी भी पौधे को लगाते समय हमेशा ये ध्यान रखें कि गमले में से पानी अच्छे से निकल रहा हो.
हर कुछ दिनों में दें पौधे में डालें खाद
सिर्फ पानी देने से ही लौकी की बेल अच्छी तरह नहीं बढ़ेगी. समय-समय पर पौधे को खाद की भी जरूरत होती है. हर 2-3 हफ्ते में ऑर्गेनिक खाद देना एक आसान तरीका है. खाद देने से मिट्टी में पोषक तत्व बने रहते हैं और पौधे की ग्रोथ अच्छी रखने में मदद मिलती है.

पीली पत्तियां देखते ही हटा दें
बेल पर अगर कोई पत्ती सूख गई है या पीली पड़ने लगी है तो उसे पौधे पर लंबे समय तक न छोड़ें. समय-समय पर पौधे को देखते रहें. कीड़े या छोटे कीट दिखाई देने पर नीम तेल जैसे नेचुरल उपाय भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इससे पौधे की देखभाल करने में मदद मिलती है.
कितने दिन में मिलने लगेगी अपनी उगाई लौकी?
अगर लौकी की बेल को अच्छे से पोषण दिया जाए और उसका ध्यान रखा जाए, तो करीब 60 से 80 दिनों में लौकी कटाई के लायक हो सकती है. जब लौकी करीब 8 से 12 इंच की हो जाए तो उसे तोड़ लेना बेहतर माना जाता है. समय पर लौकी तोड़ने से बेल पर नए फल आने की गुंजाइश बनी रहती है.