ज्यादातर भारतीय सुबह के नाश्ते में गरमा-गरम पराठा खाना पसंद करते हैं. आलू, गोभी से लेकर पनीर और प्याज तक के पराठे लोग बड़े चाव से खाते हैं. ऐसे में लोगों को अगर सुबह-सुबह पराठा मिल जाए तो उनका दिन बन जाता है. लेकिन कई बार घर पर बना पराठा जरूरत से ज्यादा तेल सोख लेता है या फिर बाजार जैसा क्रिस्पी और फूला-फूला नहीं बन पाता है.
लोग पराठे के अच्छा ना बनने की वजह अक्सर आटा गूंथने के तरीके या तवे को मान लेते हैं. लेकिन इसकी वजह सिर्फ आटा या तवा नहीं, बल्कि घी या तेल लगाने का गलत समय भी हो सकता है. जी हां, पराठे का आटा और तवा जितना मायने रखता है उतना ही मायने ये रखता है कि उसे सेंकने के लिए किस वक्त तेल या घी लगाया जा रहा है. ज्यादातर लोग पराठा सेकते समय यही गलती करते हैं. अगर सही समय पर घी या तेल लगाया जाए तो बहुत कम तेल या घी में भी पराठा स्वादिष्ट और क्रिस्पी बन सकता है.
कहां हो जाती है सबसे बड़ी गलती?
80 से 90% लोग अक्सर पराठा तवे पर रखते ही उसके ऊपर घी, तेल या बटर लगा देते हैं. ये तरीका उन्हें सही लगता है, लेकिन यही वजह है कि पराठा जरूरत से ज्यादा तेल सोख लेता है. जब आटा पूरी तरह कच्चा होता है, तब वो तेल को बहुत जल्दी अपने अंदर खींच लेता है. ऐसे में पराठा बनाने के लिए बार-बार तेल डालना पड़ता है.
शुरुआत में तेल लगाने से क्या नुकसान होता है?
अगर कच्चे पराठे पर शुरुआत में ही तेल या घी लगा दिया जाए, तो वो ज्यादा ऑयली हो सकता है. इसके साथ ही ऐसा करके पराठा बाहर से तो सिक जाता है, लेकिन अंदर से ठीक तरह नहीं पकता. कई बार वो भारी भी लगता है और ज्यादा तेल होने की वजह से डाइजेश न में भी दिक्कत कर देता है.
घी या तेल लगाने का सही समय क्या है?
पराठे को तवे पर डालने के बाद पहले बिना घी या तेल के दोनों तरफ हल्का-हल्का सेक लेना चाहिए. जब पराठे पर छोटे-छोटे भूरे निशान दिखने लगें और वो लगभग 70 से 80 फीसदी तक पक जाए, तब उस पर घी या तेल लगाना सबसे सही रहता है.
इस तरीके से क्यों बनता है बेहतर पराठा?
जब पराठा पहले से काफी हद तक पक चुका होता है, तब वो ज्यादा तेल नहीं सोखता है. घी या तेल सिर्फ उसकी ऊपरी लेयर पर रहती है, जिससे कम तेल में भी पूरा पराठा अच्छी तरह सिक जाता है. इससे पराठा बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट बनता है.
ऐसे मिलेगा फूला-फूला और क्रिस्पी पराठा
तेल लगाने के बाद पराठे को दोनों तरफ कुछ सेकंड और सेकें. चाहें तो चम्मच या स्पैटुला से हल्का-सा दबाते रहें. इससे पराठे की लेयर्स में भाप अच्छी तरह फैलती है और पराठा फूलने लगता है. आखिर में वो बाहर से क्रिस्पी और गोल्डन, जबकि अंदर से मुलायम तैयार हो जाता है.