घर के फर्श पर जब लोग आज कल अलग-अलग डिजाइन की सुंदर-सुंदर टाइल्स बिछवाते हैं. जब टाइल्स नई-नई बिछी होती हैं, तो मजबूत लगती हैं. लेकिन कई बार थोड़े ही दिन में फर्श पर चलते समय ये टाइल्स ठक-ठक आवाज करने लगती हैं. क्या आपकी टाइल्स से भी चलने पर ठक-ठक की आवाज आती है या हल्के से थपथपाने पर अंदर से खोखली आवाज सुनाई देती है? अगर हां, तो इसे मामूली बात समझकर नजरअंदाज न करें. हो सकता है कि आपकी चमचमाती टाइल के नीचे ही कोई परेशानी छिपी हो. शुरुआत में ये समस्या सिर्फ आवाज तक सीमित रहती है, लेकिन समय के साथ टाइल ढीली पड़ सकती है, उसमें दरार आ सकती है और पानी अंदर पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है.
अक्सर लोग ऐसी आवाज सुनकर समझ नहीं पाते कि आखिर फर्श में क्या गड़बड़ी है. कई बार उन्हें लगता है कि टाइल खराब हो गई है, जबकि असली वजह उसके नीचे ठीक से पकड़ न बन पाना हो सकती है. अच्छी बात ये है कि कुछ आसान तरीकों से आप शुरुआती संकेत पहचान सकते हैं. आइए जानते हैं कि टाइल्स से खोखली आवाज क्यों आती है और इस समस्या को ठीक करने के लिए क्या करना चाहिए.
टाइल्स से ठक-ठक की आवाज क्यों आती है?
फर्श पर टाइल्स लगाते समय उसके नीचे चिपकाने वाला मटेरियल यानी टाइल एडहेसिव लगाया जाता है. इसकी मदद से टाइल्स चिपकाने में मदद मिलती है. अगर ये मटेरियल पूरी सतह पर अच्छी तरह नहीं फैलता, तो टाइल के नीचे खाली जगह रह सकती है. ऐसे में टाइल पर चलने या थपथपाने पर ठक-ठक की खोखली आवाज सुनाई देती है. समय के साथ टाइल की पकड़ कमजोर हो सकती है और उसमें दरार भी आ सकती है.
सिर्फ आवाज नहीं, इन संकेतों पर भी दें ध्यान
अगर टाइल से खोखली आवाज आने के साथ वो हिलने लगे, उसके किनारे उठने लगें या उसमें दरार दिखे, तो सावधान हो जाएं. बाथरूम और रसोई में टाइल के नीचे नमी पहुंचने से भी परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे संकेत दिखने पर टाइल को चेक करवाना ही अच्छा रहता है.
घर पर ऐसे पहचानें टाइल के नीचे खाली जगह
टाइल को किसी सिक्के से हल्के हाथ से थपथपाकर उसकी आवाज सुनें. अगर आवाज ज्यादा गूंजती या खोखली लगे, तो उसके नीचे खाली जगह होने के चांस हो सकते हैं. हालांकि, सिर्फ आवाज से ये नहीं माना जा सकता है कि टाइल खराब हो गई हैं. अगर टाइल ढीली है या उसमें दरार है, तो एक्सपर्ट से जरूरत चेक करवाएं.
खोखली आवाज वाली टाइल को कैसे करें ठीक?
अगर टाइल मजबूत है और उसमें कोई दरार नहीं है, तो सिर्फ आवाज आने पर उसे तुरंत बदलना जरूरी नहीं है. लेकिन टाइल ढीली हो गई है या टूटने लगी है, तो उसे निकालकर पहले उसके नीचे के हिस्से को साफ करने के बाद सही तरीके से दोबारा लगाना बेहतर है.
कुछ मामलों में एक्सपर्ट्स टाइल के नीचे खास रेजिन या एपॉक्सी भरने का ऑप्शन भी अपनाते हैं, लेकिन ये हर कंडीशन में कारगर नहीं होता. अगर कई टाइल्स से एक साथ खोखली आवाज आ रही है, तो पूरे हिस्से को चेक करवाएं, ताकि समस्या की सही वजह पता चल सके.
टाइल लगवाते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. फर्श की सतह अच्छी तरह साफ करवाएं: टाइल लगाने से पहले उसके नीचे के सरफेस से धूल, मिट्टी और दूसरी गंदगी हटाना जरूरी है. अगर टाइल के नीचे की जगह गंदी होगी, तो उस पर एडहेसिव की पकड़ ठीक से नहीं बन पाती.
2. सही टाइल एडहेसिव का इस्तेमाल करें: हर तरह की टाइल और हर जगह के लिए एक जैसा चिपकाने वाला मटेरियल सही नहीं होता. टाइल और वो किस जगह लगाई जा रही है उसके हिसाब से सही एडहेसिव चुनना जरूरी है.
3. एडहेसिव को सिर्फ कोनों पर न लगाएं: टाइल के नीचे चिपकाने वाला मटेरियल अच्छी तरह फैलना चाहिए, ताकि उसके नीचे बड़े खाली हिस्से न बचें. इसके लिए सही ट्रॉवेल और लगाने की तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है.
4. एडहेसिव मिलाने में लापरवाही न करें: मटेरियल में कितना पानी मिलाना है और उसे कैसे तैयार करना है, ये निर्माता के इंस्ट्रक्शंस के अनुसार तय करें. गलत मिश्रण से टाइल की पकड़ पर असर डाल सकता है.
5. टाइल लगाने के बाद उसे पर्याप्त समय दें: टाइल लगाने के तुरंत बाद उस पर चलने या भारी सामान रखने से बचें. टाइल को अच्छी तरह चिपकने और मजबूत होने के लिए थोड़ा समय देना चाहिए.